IIT Delhi: IIT दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह आज, PM मोदी होंगे मुख्य अतिथि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर जेन जी से लेकर 74 वर्षीय शोधार्थी तक कुल 3036 मेधावी छात्रों को डिग्रियां और पदक प्रदान करेंगे।

IIT Delhi

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 8, 2026

IIT Delhi: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह आज (शनिवार) आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री इस समारोह में जेन जी (Gen-Z) युवाओं से लेकर 74 वर्ष के एक अनुभवी शोधार्थी तक, कुल 3036 मेधावी छात्रों को डिग्रियां प्रदान करेंगे। इसके अलावा, असाधारण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और अन्य प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया जाएगा।

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‘परम प्रज्ञा’ सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का शुभारंभ

इस दीक्षांत समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित की गई अत्याधुनिक एआई-संचालित (AI-driven) उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एडवांस्ड सुविधा का लोकार्पण करेंगे, जिससे संस्थान में तकनीकी और वैज्ञानिक शोध कार्यों को एक नई गति मिलेगी। आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इन सभी तैयारियों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

इस वर्ष डिग्री पाने वाले छात्रों का विवरण

निदेशक रंगन बनर्जी ने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 3036 विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक सफलता के लिए डिग्रियां दी जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:

पीएचडी (Ph.D.): 587 शोधार्थी

एमटेक (M.Tech.): 567 छात्र

बीटेक (B.Tech.): 1049 युवा इंजीनियर

संस्थान ने हाल के वर्षों में शोध और नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान ने लगभग 600 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं पर काम किया है। पिछले एक साल में 196 नए पेटेंट दाखिल किए गए हैं और 26 नए स्टार्टअप्स की स्थापना की गई है। वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहुंच मजबूत करते हुए, आईआईटी दिल्ली ने देश के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग के लिए समझौते किए हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 देशों के साथ 88 सक्रिय एमओयू (MoU) पर काम चल रहा है।

छात्र कल्याण और प्रशासनिक सुधार

आईआईटी दिल्ली प्रशासन ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर मार्गदर्शन के लिए कई सराहनीय कदम उठाए हैं:

मेंटॉरशिप प्रोग्राम: प्लेसमेंट में चयनित हो चुके सफल पूर्व छात्रों (Alumni) को अंतिम वर्ष के वर्तमान छात्रों का मेंटॉर बनाया गया है।

मानसिक स्वास्थ्य सहायता: ‘कॉल फॉर अ फ्रेंड’ नामक विशेष कार्यक्रम के जरिए छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता और परामर्श प्रदान किया जा रहा है।

पेपरलेस एडमिनिस्ट्रेशन: संस्थान के उप निदेशक अरविंद नेमा ने जानकारी दी कि पिछले साल अक्टूबर से आईआईटी दिल्ली के सभी प्रशासनिक कार्य पूरी तरह से पेपरलेस (कागज रहित) हो चुके हैं।

परिसर का विस्तार और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

संस्थान अपने शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार कर रहा है। सोनीपत और अबू धाबी परिसरों में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। हालांकि, झज्जर स्थित परिसर के लिए आवंटित जमीन को मिट्टी की गुणवत्ता उपयुक्त न होने के कारण वापस लौटाया जा रहा है। इसके अलावा, आरकेपुरम में फैकल्टी सदस्यों और छात्रों के लिए नए आवासों का निर्माण किया जाएगा।

आज आयोजित होने वाले इस दीक्षांत समारोह के मद्देनजर सुरक्षा के अत्यंत कड़े इंतजाम किए गए हैं। वीवीआईपी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम स्थल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। प्रधानमंत्री के हाथों डिग्री प्राप्त करने को लेकर छात्रों और उनके परिजनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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