ICC T20 Rankings: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने खिलाड़ियों की नवीनतम टी20 रैंकिंग जारी कर दी है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टी20 मैचों की संख्या काफी कम रही है, लेकिन इसके बावजूद रैंकिंग के समीकरणों में दिलचस्प बदलाव देखने को मिले हैं। विशेष रूप से टॉप-10 की सूची में मामूली फेरबदल हुए हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के एक युवा खिलाड़ी ने अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सुखद खबर यह है कि रैंकिंग के शीर्ष पायदान पर अभी भी नीले रंग की जर्सी का दबदबा कायम है।
अभिषेक शर्मा की नंबर वन कुर्सी और ईशान किशन की चुनौती
भारतीय युवा सनसनी अभिषेक शर्मा टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज के रूप में अपनी स्थिति मजबूत किए हुए हैं। टी20 विश्व कप के बाद से कई बड़ी टीमें इस फॉर्मेट में कम सक्रिय हैं, लेकिन अभिषेक की पिछली पारियों का असर अभी भी रेटिंग पॉइंट्स पर दिख रहा है। वर्तमान में अभिषेक शर्मा 875 की शानदार रेटिंग के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। हालांकि, उन्हें अपने ही हमवतन ईशान किशन से कड़ी टक्कर मिल रही है। ईशान किशन 871 की रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर हैं और नंबर एक की कुर्सी के बेहद करीब पहुंच गए हैं। फिलहाल भारतीय टीम कोई टी20 सीरीज नहीं खेल रही है, जिससे इन दोनों के बीच का यह फासला स्थिर बना हुआ है।
टॉप-10 में जॉस बटलर का उछाल और टिम सिफर्ट को नुकसान
विश्व क्रिकेट के दिग्गजों की बात करें तो टॉप-10 की सूची में केवल एक ही महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किया गया है। इंग्लैंड के कप्तान और आक्रामक बल्लेबाज जॉस बटलर को बिना कोई मैच खेले ही रैंकिंग में एक स्थान का फायदा मिला है। बटलर अब आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सिफर्ट को एक स्थान का नुकसान झेलना पड़ा है और वे खिसककर नौवें नंबर पर आ गए हैं। इसका मुख्य कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई सीरीज में सिफर्ट का शामिल न होना रहा, जिससे उनकी रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई।
कॉनर एस्टरहुइजन: 64 स्थानों की जादुई छलांग
इस सप्ताह की रैंकिंग की सबसे बड़ी खबर दक्षिण अफ्रीका के उभरते हुए सितारे कॉनर एस्टरहुइजन रहे हैं। एस्टरहुइजन ने रैंकिंग में एक साथ 64 स्थानों की लंबी छलांग लगाकर सबको हैरान कर दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की टी20 सीरीज उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई। सीरीज के पहले मैच में महज 15 रन बनाने के बाद, इस युवा बल्लेबाज ने जबरदस्त वापसी की। दूसरे मैच में उन्होंने शानदार 57 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली और तीसरे निर्णायक मुकाबले में 75 रनों की आतिशी पारी खेलकर अपनी टीम को मजबूती दी।
टॉप-100 से बाहर रहने वाले खिलाड़ी की टॉप-40 में एंट्री
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले कॉनर एस्टरहुइजन आईसीसी रैंकिंग के टॉप-100 बल्लेबाजों की सूची का हिस्सा भी नहीं थे। लेकिन लगातार दो शानदार पारियों के दम पर वे सीधे 39वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दक्षिण अफ्रीकी टीम प्रबंधन के लिए एस्टरहुइजन की यह फॉर्म आने वाले भविष्य के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। उनकी इस प्रगति ने यह साबित कर दिया है कि एक सीरीज में निरंतर प्रदर्शन आपको वैश्विक पटल पर रातों-रात पहचान दिला सकता है।
टी20 फॉर्मेट में भविष्य की संभावनाएं
भले ही वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में टेस्ट और वनडे मैचों की अधिकता है, लेकिन आईसीसी रैंकिंग में हो रहे ये बदलाव दर्शाते हैं कि टी20 क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा कितनी सघन है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे भारतीय युवाओं का शीर्ष पर होना भारतीय क्रिकेट के भविष्य की स्वर्णिम तस्वीर पेश करता है। साथ ही, कॉनर एस्टरहुइजन जैसे खिलाड़ियों का उदय यह बताता है कि आने वाले समय में रैंकिंग की जंग और भी रोचक होने वाली है। अब सभी की निगाहें अगली द्विपक्षीय सीरीज पर होंगी, जहां रेटिंग पॉइंट्स का खेल फिर से करवट लेगा।
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