भयानक हत्या का खुलासा: चार अपराधियों को उम्रकैद, शिकार का शव निर्मम तरीके से प्रदर्शित

पटना बिहार के रोहतास जिले में प्रेम-प्रसंग में हुई एक बेहद नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने सात साल बाद कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मन्नू कुमार हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है। अदालत ने सभी दोषियों पर 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। मृतक की प्रेमिका और उसके परिजन दोषी दरअसल, यह फैसला जिला जज-IV अनिल कुमार की अदालत ने सुनाया है। जिन लोगों को सजा मिली है, उनमें मृतक की प्रेमिका सुमन देवी उर्फ चुमन देवी, उसका पति प्रभाकर सिंह उर्फ प्रकाश चौधरी, उसका भाई फूलचंद और पिता दुधेश्वर

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Published On :

जनवरी 22, 2026

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पटना
बिहार के रोहतास जिले में प्रेम-प्रसंग में हुई एक बेहद नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने सात साल बाद कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मन्नू कुमार हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है। अदालत ने सभी दोषियों पर 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

मृतक की प्रेमिका और उसके परिजन दोषी
दरअसल, यह फैसला जिला जज-IV अनिल कुमार की अदालत ने सुनाया है। जिन लोगों को सजा मिली है, उनमें मृतक की प्रेमिका सुमन देवी उर्फ चुमन देवी, उसका पति प्रभाकर सिंह उर्फ प्रकाश चौधरी, उसका भाई फूलचंद और पिता दुधेश्वर चौधरी शामिल हैं। कोर्ट ने इस वारदात को ऑनर किलिंग से जुड़ा, पूर्व नियोजित और अत्यंत क्रूर अपराध बताया।

फोन कर बुलाया गया, फिर की गई हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 4 मार्च 2019 की शाम सुमन देवी ने मन्नू कुमार को फोन कर घर से बाहर बुलाया। मन्नू बिना बताए घर से निकला लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। अगले दिन 5 मार्च को उसका शव गांव के पास एक सरसों के खेत में मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिर मृतक के पिता अशोक चौधरी ने अगरेर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।

पोस्टमॉर्टम में सामने आई निर्ममता
पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि मन्नू का पेट चाकू से चीर दिया गया था। हत्या के बाद उसके निजी अंग काटकर सरसों के पौधे पर लटका दिए गए थे। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
 
‘इज्जत’ के नाम पर रची गई साजिश
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि प्रेम संबंधों को लेकर पहले गांव में पंचायत भी हुई थी और दोनों को संबंध खत्म करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद मन्नू और सुमन देवी का मिलना जारी रहा। इसे परिवार ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए हत्या की साजिश रची।

हत्या से पहले बनी थी पूरी योजना
कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि हत्या से दो दिन पहले सुमन देवी अपने पति के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से अपने मायके भगवानपुर आई थी। इसके बाद पूरे परिवार ने मिलकर मन्नू को फोन कर बुलाने और उसकी हत्या करने की योजना बनाई। ट्रायल के दौरान कुल नौ गवाहों ने अभियोजन पक्ष के समर्थन में गवाही दी।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने माना कि हत्या का तरीका अत्यंत क्रूर था और इससे समाज में भय, असुरक्षा और अमानवीयता का संदेश गया। इसी कारण दोषियों को अधिकतम सजा दी गई।

 

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