Holi 2026: कब है होली? यहां देखें होलिका दहन का मुहूर्त और जरूरी बातें

होली 2026: हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार होली प्रेम, मेल-जोल और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मनाई जाने वाली होली इस वर्ष 2026 में 4 मार्च को होगी, जबकि होलिका दहन 3 मार्च को रहेगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 16, 2026

Holi 2026: होली हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे रंगों और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार प्रेम, मेल-जोल और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है, लेकिन वर्ष 2026 में होली की तारीख और होलिका दहन को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आइए जानते हैं, इस साल होली कब और कैसे मनाई जाएगी, साथ ही इसके शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम।

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होली की तारीख

Holi 2026
कब है होली?

हिंदू पंचांग के अनुसार, होली 4 मार्च, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन लोग रंग, गुलाल और गुलाब के रंगों के साथ होली का पर्व धूमधाम से मनाएंगे। होली का यह दिन प्रेम, भाईचारे और खुशी का संदेश देता है। होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस साल होलिका दहन 3 मार्च, मंगलवार को मनाया जाएगा।

होलिका दहन का मुहूर्त

होलिका दहन का पर्व शाम को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी। इस अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय होलिका दहन करने से जीवन में नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

होली पर ध्यान रखने योग्य नियम

होली के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए ताकि त्योहार सही तरीके से और धार्मिक रीति से मनाया जा सके।

दान और पूजा: होली के दिन दूध, दही और चीनी का दान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा कपड़े, सरसों का तेल, लोहे, स्टील और कांच की वस्तुओं का दान करना वर्जित है। पूजा, भजन और धार्मिक अनुष्ठान विधिपूर्वक करना चाहिए।

रंग और व्यवहार: होली पर किसी को जबरदस्ती रंग न लगाएं। दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें। फूल, गुलाल, मिठाई और शुभ सामग्री का ही प्रयोग पूजा और खेल में करें।

सुरक्षा और सावधानी: रंग खेलते समय और होलिका दहन के समय आग और अन्य दुर्घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतें। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें।

होली का महत्व

होली न केवल रंगों का त्योहार है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक भी है। यह त्योहार समाज में भाईचारे, मेल-जोल और प्रेम को बढ़ावा देता है। होली के अवसर पर लोग एक-दूसरे के घर जाकर मिठाई, रंग और खुशियाँ बांटते हैं। छोटी होली और होलिका दहन से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

साल 2026 में होली का पर्व 4 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा, जबकि होलिका दहन 3 मार्च को शुभ मुहूर्त में संपन्न होगा। इस अवसर पर धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करना, दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना और सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सही समय और नियमों का पालन करके होली का त्योहार आनंद, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा के साथ मनाया जा सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।