Holi 2026: नई दिल्ली में होली के अवसर पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आवास पर रंगों के इस पर्व को सादगी और उमंग के साथ मनाया। इस मौके पर उन्होंने राजधानीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह त्योहार दिल्ली में प्रगति और सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत करेगा।
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शांति और एकता के साथ मनाएं होली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से अपील की कि वे इस पर्व को सौहार्द और शांति के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि होली का उत्सव लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भरता है। यह पर्व राजधानी के विकास और खुशहाली की दिशा में नई उम्मीदों को जन्म दे सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही दिल्ली को बेहतर और समृद्ध बनाया जा सकता है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का संदेश
वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी होली के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार प्रेम, सकारात्मकता और एकता का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मिलकर देश और दिल्ली के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करें। उनका कहना था कि होली समाज में मेल-मिलाप को बढ़ावा देती है और लोगों के बीच की दूरियों को कम करती है। ऐसे में यह अवसर सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भी है।
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प्रधानमंत्री का देशवासियों के नाम संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशभर के नागरिकों को होली की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कामना की कि रंगों और उमंग से भरा यह पर्व सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए। उन्होंने लिखा कि होली हर व्यक्ति के जीवन को सफलता, समृद्धि और आनंद के रंगों से भर दे। प्रधानमंत्री ने इसे खुशियों की वर्षा करने वाला पर्व बताया और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
केंद्रीय गृह मंत्री की बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी होली के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस त्योहार को तरक्की, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक बताते हुए सभी के लिए खुशहाल जीवन की कामना की।
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बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
होली का त्योहार हिंदू पौराणिक परंपराओं से जुड़ा है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। होली की शुरुआत ‘होलिका दहन’ से होती है, जिसमें अग्नि प्रज्ज्वलित कर नकारात्मकता के अंत और सकारात्मकता के स्वागत का संदेश दिया जाता है। इसके अगले दिन रंगों के साथ मुख्य उत्सव मनाया जाता है, जब लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां साझा करते हैं। पश्चिमी भारत के कई राज्यों जैसे मुंबई और गुजरात में त्योहार की शुरुआत पहले ही हो चुकी है, जबकि उत्तर भारत में मुख्य आयोजन अगले दिन आयोजित किए जाते हैं।










