Higher Education Update: स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए वैल्यू एडेड कोर्स अनिवार्य, नए नियम लागू

स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए वैल्यू एडेड कोर्स का चयन अनिवार्य विद्यार्थियों को रोजगार, नैतिक मूल्य, पर्यावरण एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की पहल भोपाल  राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए वैल्यू एडेड कोर्स, संवैधानिक, मानवीय एवं नैतिक मूल्य तथा पर्यावरण शिक्षा एवं स्थिरता आधारित पाठ्यक्रमों का चयन अनिवार्य किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी “करीकुलम एण्ड क्रेडिट फ्रेमवर्क फॉर पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स (सीसीएफपीजी), जून-2024” तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के नवीन अध्यादेश के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक स्नातकोत्तर विद्यार्थी को द्वितीय सेमेस्टर में 2 क्रेडिट पॉइंट का एक वैल्यू एडेड

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Published On :

जुलाई 9, 2026

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स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए वैल्यू एडेड कोर्स का चयन अनिवार्य

विद्यार्थियों को रोजगार, नैतिक मूल्य, पर्यावरण एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की पहल

भोपाल 
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए वैल्यू एडेड कोर्स, संवैधानिक, मानवीय एवं नैतिक मूल्य तथा पर्यावरण शिक्षा एवं स्थिरता आधारित पाठ्यक्रमों का चयन अनिवार्य किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी “करीकुलम एण्ड क्रेडिट फ्रेमवर्क फॉर पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स (सीसीएफपीजी), जून-2024” तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के नवीन अध्यादेश के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक स्नातकोत्तर विद्यार्थी को द्वितीय सेमेस्टर में 2 क्रेडिट पॉइंट का एक वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम लेना होगा।

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न विषय समूहों अंतर्गत पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें रोजगार एवं उद्यमिता कौशल, योग एवं ध्यान द्वारा तनाव प्रबंधन, पर्यावरण मनोविज्ञान, शोध लेखन कौशल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिजनेस एथिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, नवाचार एवं उद्यमिता जैसे विषय शामिल हैं।

इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, नैतिक मूल्यों, नवाचार क्षमता एवं रोजगारपरक दक्षताओं से जोड़ना है। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक आवश्यकता और विषय की उपयोगिता के अनुसार इन पाठ्यक्रमों के चयन में आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। इस पहल से स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल आधारित एवं मूल्यपरक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

 

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