नगर परिषद चुनावों में सुरक्षा और नामांकन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की नजर, प्रशासन को अहम आदेश

गुरदासपुर. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरदासपुर, कादियां और दीनानगर की आगामी नगर परिषद चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। ये आदेश 26 मई 2026 को तीन याचिकाओं के संयुक्त निपटारे के दौरान जारी किए गए। डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस हरसिमरण सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा शामिल थे, ने बलजीत सिंह, सुखविंदर पाल सिंह और परमिंदर सिंह द्वारा दायर याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं के वकील याजुर शर्मा ने अदालत के समक्ष दलील दी कि जून के पहले

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Published On :

मई 27, 2026

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गुरदासपुर.

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरदासपुर, कादियां और दीनानगर की आगामी नगर परिषद चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। ये आदेश 26 मई 2026 को तीन याचिकाओं के संयुक्त निपटारे के दौरान जारी किए गए।

डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस हरसिमरण सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा शामिल थे, ने बलजीत सिंह, सुखविंदर पाल सिंह और परमिंदर सिंह द्वारा दायर याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं के वकील याजुर शर्मा ने अदालत के समक्ष दलील दी कि जून के पहले सप्ताह में होने वाले चुनावों के दौरान उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका जा सकता है या मनमर्जी से खारिज किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने उम्मीदवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। इस पर अदालत ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए। अदालत ने आदेश दिया कि रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय, मतदान केंद्र, मतगणना केंद्र और वोटों के भंडारण स्थलों पर निगरानी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।

किसी भी उम्मीदवार को नामांकन पत्र दाखिल करने से नहीं रोका जाएगा और यदि कोई नामांकन खारिज किया जाता है तो उसके स्पष्ट कारण लिखित रूप में 48 घंटों के भीतर देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नामांकन पत्र में छोटी गलतियों के मामले में उम्मीदवार को सुधार का अवसर देने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसी उम्मीदवार के पास नो-ऑब्जेक्शन प्रमाण पत्र नहीं है, तो वह शपथ पत्र के माध्यम से अपनी योग्यता साबित कर सकता है। अदालत ने सुरक्षा के मद्देनज़र संबंधित जिला पुलिस प्रमुख को निर्देश दिए हैं कि उम्मीदवारों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और चुनाव स्थलों के आसपास अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी पर रोक सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अदालत ने पंजाब राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि मशीनों या बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराने के संबंध में 7 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले जारी किए गए निर्देश भी इन तीनों नगर परिषदों पर लागू होंगे और कोई भी अधिकारी इनसे पीछे नहीं हट सकता। अदालत के इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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