Padma Vibhushan 2026 : धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान, राष्ट्रपति भवन में अवॉर्ड लेते वक्त रो पड़ीं हेमा मालिनी

राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित भव्य समारोह में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया, तो पूरा हॉल भावुक हो उठा। पति की तरफ से यह सम्मान ग्रहण करते हुए ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी अपने आंसू नहीं रोक सकीं। जानिए उस भावुक पल की पूरी कहानी।

Padma Vibhushan 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 25, 2026

Padma Vibhushan 2026 : भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले और दर्शकों के दिलों पर दशकों तक राज करने वाले सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोप्रांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। कला और सिनेमा जगत में उनके अतुलनीय योगदान, बेमिसाल अभिनय और अमूल्य धरोहर को याद करते हुए जब महामहिम राष्ट्रपति द्वारा उनके नाम की घोषणा की गई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और एक महान कलाकार की यादों से गूंज उठा।

राष्ट्रपति भवन में हेमा मालिनी ने ग्रहण किया सम्मान

दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की ओर से यह मरणोप्रांत सर्वोच्च सम्मान ग्रहण करने के लिए उनकी पत्नी, जानी-मानी अभिनेत्री और राजनेता हेमा मालिनी मंच पर पहुंचीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों अवॉर्ड लेते समय हेमा मालिनी बेहद भावुक नजर आईं और वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं। पारंपरिक गुलाबी साड़ी और बेहद सादगीपूर्ण आभूषणों में पहुंचीं हेमा मालिनी की आंखों में अपने जीवनसाथी को हमेशा के लिए खोने का गम साफ झलक रहा था। हालांकि, दुख के इस क्षण में भी उनके चेहरे पर धर्मेंद्र को मिले इस सर्वोच्च सम्मान के लिए गर्व का भाव भी था। अवॉर्ड हाथ में लेते ही उन्होंने बेहद नम आंखों के साथ सिर झुकाकर राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।

दर्शक दीर्घा में बैठी बेटी अहाना देओल का फूटा दर्द

इस ऐतिहासिक और अत्यधिक भावुक पल के दौरान दर्शक दीर्घा में एक बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिला। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की छोटी बेटी अहाना देओल वहां मौजूद थीं, जो अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सकीं। अपने दिवंगत पिता को देश के इस सर्वोच्च मंच पर सम्मानित होते देख अहाना देओल कार्यक्रम के दौरान ही फूट-फूटकर रोने लगीं। पिता की याद और इस सम्मान की गरिमा को देखकर वे दोनों हाथ जोड़कर शून्य में आभार जताती नजर आईं। सिनेमा जगत जानता है कि धर्मेंद्र का अपनी बेटियों के साथ बेहद गहरा, लाडला और दोस्ताना रिश्ता था, और इस ऐतिहासिक सम्मान समारोह में उनकी भौतिक अनुपस्थिति हर किसी को शिद्दत से महसूस हो रही थी।

‘शोले’ से ‘चुपके चुपके’ तक

धर्मेंद्र को मिला यह नागरिक सम्मान उनके उस शानदार और छह दशक लंबे फिल्मी सफर की गवाही देता है, जिसने भारतीय सिनेमा को एक नई ऊंचाई दी। उन्होंने अपने करियर में ‘शोले’, ‘सत्यकाम’, ‘चुपके चुपके’, ‘धर्म वीर’, ‘प्रतिज्ञा’ और ‘यादों की बारात’ जैसी अनगिनत कल्ट और ब्लॉकबस्टर फिल्में देश को दीं। वे बॉलीवुड के पहले असली ‘ही-मैन’ कहे जाते थे, जिन्होंने न सिर्फ अपनी कड़क कद-काठी से एक्शन को परिभाषित किया, बल्कि रोमांस और बेमिसाल टाइमिंग वाली कॉमेडी में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

सोशल मीडिया पर फैंस ने दी श्रद्धांजलि

भले ही धर्मेंद्र आज शारीरिक रूप से हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन मरणोप्रांत मिला यह ‘पद्म विभूषण’ सम्मान उनके करोड़ों प्रशंसकों, शुभचिंतकों और परिवार के लिए एक ऐसा गौरवशाली क्षण है, जो उनकी सिनेमैटिक विरासत को हमेशा के लिए अमर कर देता है। इस गरिमामयी समारोह के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी देश भर के फैंस, राजनेताओं और फिल्मी हस्तियों ने इस भावुक पल को साझा किया है। हर कोई नम आंखों से अपने चहेते अभिनेता की पुरानी तस्वीरों को पोस्ट कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा है और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को नमन कर रहा है।

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