Heavy Rain Alert : कई राज्यों में भारी बारिश अलर्ट, हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन, कश्मीर में बादल फटा

देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि कश्मीर में बादल फटने से हालात गंभीर हो गए हैं। आखिर किन इलाकों पर सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है और मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Heavy Rain Alert

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 12, 2026

Heavy Rain Alert : भारत के कई हिस्सों में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर भारत के दो पहाड़ी राज्य, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश हुए हैं। इन दोनों राज्यों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई जगहों पर भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है। मलबे की चपेट में आने से कई मुख्य सड़कें और संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है और पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, देश के अन्य हिस्सों जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मिजोरम, तमिलनाडु और केरल में भी मानसून सक्रिय रहा और वहां भारी बारिश देखने को मिली। बारिश के इस दौर ने मैदानी इलाकों में जहां जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी है, वहीं पहाड़ी इलाकों में नदियां और नाले उफान पर पहुंच गए हैं।

उत्तराखंड में भूस्खलन से 120 सड़कें ठप

उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य में हुए भूस्खलन के कारण तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) समेत लगभग 120 से अधिक सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा नदी के तेज बहाव में बह गया, जिसके कारण यह मार्ग पिछले दो दिनों से बंद पड़ा था। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) के मुताबिक, उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी इलाके में भारी मलबे के कारण सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई थी। वहां फंसे लगभग 100 तीर्थयात्रियों को बचाने के लिए जवानों ने एक वैकल्पिक मार्ग पर सुरक्षित रस्सी बांधी और बेहद सावधानी से एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

हिमाचल प्रदेश में ढहा पुल

पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी शनिवार को मध्यम से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहा, जिसके चलते राजधानी शिमला में कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। किन्नौर जिले के सांगला में पिछले साल ही निर्मित किया गया एक अस्थायी पुल नदी के तेज बहाव को बर्दाश्त नहीं कर सका और ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पुल टूटने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। इसके अलावा, किन्नौर में ही अचानक आई बाढ़ का पानी एक मंजिला आवासीय मकानों में घुस गया, जिससे लोगों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

पहलगाम में बादल फटने से आई अचानक बाढ़

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम और उसके आसपास के ऊपरी वन क्षेत्रों (आवूरा और देहवाथू) में शनिवार शाम को बादल फटने की एक भयानक घटना सामने आई। इसके कारण आवूरा नाले में अचानक भीषण बाढ़ आ गई, जिसने आगे चलकर बटकूट में लिद्दर नाले को भी उफान पर ला दिया। इस अचानक आई बाढ़ के कारण क्षेत्र के कम से कम आधा दर्जन होटल और कई स्थानीय घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर, देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को मौसम का मिजाज अलग रहा और वहां अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री और शुक्रवार के मुकाबले 2.4 डिग्री ज्यादा था। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

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