ग्वालियर में आसमानी आफत: ओलावृष्टि से खेत बर्फ में तब्दील, फसलें चौपट, किसान की मौत

ग्वालियर.  पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते ग्वालियर जिले में मंगलवार सुबह वर्षा और भारी ओलावृष्टि हुई। प्रकृति का यह प्रकोप भितरवार-चीनोर क्षेत्र के गांव कछौआ, बड़की सराय, जुझारपुर, भोरी, ररुआ, चीनोर, आंतरी, करहिया और सिकरौदा समेत 12 से अधिक गांवों में देखा गया। जहां पर भीषण ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि खेतों में फसलों के ऊपर चार-चार इंच तक बर्फ जम गई। बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजारा मंजर ऐसा था कि दूर-दूर तक फैली हरियाली गायब हो गई और पूरा इलाका बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजर आने लगा। किसानों

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Published On :

फ़रवरी 3, 2026

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ग्वालियर.
 पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते ग्वालियर जिले में मंगलवार सुबह वर्षा और भारी ओलावृष्टि हुई। प्रकृति का यह प्रकोप भितरवार-चीनोर क्षेत्र के गांव कछौआ, बड़की सराय, जुझारपुर, भोरी, ररुआ, चीनोर, आंतरी, करहिया और सिकरौदा समेत 12 से अधिक गांवों में देखा गया। जहां पर भीषण ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि खेतों में फसलों के ऊपर चार-चार इंच तक बर्फ जम गई।

बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजारा

मंजर ऐसा था कि दूर-दूर तक फैली हरियाली गायब हो गई और पूरा इलाका बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजर आने लगा। किसानों के मुताबिक गेहूं, सरसों व चना आदि फसलों में 70 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीमें फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए मौके पर पहुंची। कुछ गांवों में कलेक्टर रुचिका चौहान भी नुकसान को देखने के लिए पहुंची। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आगामी 24 घंटों में गरज चमक के साथ वर्षा व ओलावृष्टि की संभावना अभी बनी हुई है। साथ ही कोहरा भी रहेगा।

आसमानी बिजली से किसान की मौत

शिवपुरी में आसमानी बिजली की चपेट में आने से एक किसान की मौत भी हो गई। कई खेतों में तो नुकसान का आकलन 70 से 90 प्रतिशत तक बताया जा रहा है। ओलावृष्टि की सूचना के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने बड़की सराय व सिकरौदा गांव में पहुंचकर ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र निरीक्षण किया और किसानों से बात की।

शिवपुरी में बिजली गिरने से किसान झुलसा

शिवपुरी के सिलानगर निवासी वीर सिंह पुत्र रामप्रसाद आदिवासी उम्र 25 साल गांव में बटाई से खेती करता है। रात में खेत पर फसल की रखवाली के लिए रुका था। इसी दौरान तेज आंधी, वर्षा आदि से बचने के लिए वह खेत में बनी झोंपड़ी के अंदर जाकर सो गया। इसी दौरान आसमानी बिजली झोपड़ी गिरी, जिससे झोंपड़ी में आग लग गई। किसान झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जलने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर मर्ग कायम कर लिया है।

 

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