Heatwave: हरियाणा के सिरसा जिले में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं (लू) के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना पूरी तरह दूभर हो चुका है। पिछले कई दिनों से जिले का तापमान लगातार 46 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है।
आज भी सिरसा में रिकॉर्ड तोड़ 46.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। फिलहाल जनता को इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस जानलेवा हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है और नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए एक जरूरी स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है।
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स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क
हीट वेव के नोडल अधिकारी डॉ. अभिजीत ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बताया कि जिले में बढ़ती गर्मी और लू के खतरनाक प्रभावों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। लगातार बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) को विशेष प्रबंध करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
अस्पतालों में आपातकालीन वार्डों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि हीट स्ट्रोक (लू लगना) और गर्मी से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। डॉ. अभिजीत ने चेतावनी दी है कि लगातार ऐसी भीषण गर्मी के संपर्क में रहने से मानव शरीर की आंतरिक कार्य प्रणाली पूरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिससे कोई भी व्यक्ति अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मौसम में अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को भी हल्के में न लें। हीटवेव के दौरान शरीर को होने वाले नुकसान के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
शुरुआती लक्षण: बार-बार दस्त होना, शरीर में हल्का बुखार आना और अचानक अत्यधिक प्यास लगना। ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) हो चुकी है। ऐसे में तुरंत ओआरएस (ORS), नींबू पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन शुरू कर देना चाहिए।
हीट स्ट्रोक (लू) के गंभीर लक्षण
अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उबकाई (उल्टी आने जैसा मन होना), बहुत ज्यादा पसीना आना या अचानक बेहोश (मूर्छा) हो जाना। डॉ. अभिजीत के अनुसार, इनमें से कोई भी परेशानी महसूस होने पर बिना समय गंवाए नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की जरूरी सलाह
भीषण गर्मी के इस दौर में सुरक्षित रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम और सावधानियां बताई हैं, जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। इस मौसम में शरीर में पानी का स्तर बनाए रखना सबसे जरूरी है। प्यास न भी लगी हो, तो भी थोड़ी-थोड़ी देर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। यथासंभव अपने घरों, कार्यालयों या अच्छी हवादार और ठंडी जगहों पर ही समय बिताएं। दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, तब बहुत जरूरी काम न होने पर तेज धूप में बाहर निकलने से बिल्कुल बचें। गर्मी के दिनों में अधिक प्रोटीन वाले भोजन और बासी खाने का सेवन करने से बचें, क्योंकि यह पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है और आपके बीमार होने के खतरे को दोगुना कर सकता है।










