अकाल तख्त के समक्ष बेअदबी कानून पर सुनवाई, नंगे पैर पहुंचे पंजाब सरकार के मंत्री और विधायक

अमृतसर. पंजाब सरकार की ओर से पारित जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब में अहम धार्मिक सुनवाई शुरू हुई। अकाल तख्त के आदेश के बाद पंजाब सरकार के सभी सिख मंत्री और विधायक नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और पांच सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए। सभी मंत्री और विधायक अपने साथ लिखित स्पष्टीकरण भी लेकर पहुंचे, जिसे सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। इस दौरान केवल सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के मंत्री और विधायक ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल तथा निर्दलीय विधायक भी श्री

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Published On :

जून 29, 2026

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अमृतसर.

पंजाब सरकार की ओर से पारित जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब में अहम धार्मिक सुनवाई शुरू हुई। अकाल तख्त के आदेश के बाद पंजाब सरकार के सभी सिख मंत्री और विधायक नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और पांच सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए।

सभी मंत्री और विधायक अपने साथ लिखित स्पष्टीकरण भी लेकर पहुंचे, जिसे सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। इस दौरान केवल सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के मंत्री और विधायक ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल तथा निर्दलीय विधायक भी श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे। पूरे घटनाक्रम पर धार्मिक और राजनीतिक दोनों वर्गों की नजर बनी हुई है।

तख्तों के जत्थेदार करेंगे सुनवाई
सुनवाई शुरू होने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में गुरु साहिब की हजूरी में अरदास की गई। इसके बाद पांच सिंह साहिबानों ने बेअदबी कानून में किए गए संशोधन को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू की। धार्मिक मर्यादा के अनुसार सभी आवश्यक धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया। अरदास में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह, ज्ञानी केवल सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह तथा श्री अकाल तख्त साहिब के पांच प्यारों में से ज्ञानी मंगल सिंह उपस्थित रहे।

सभी पक्षों की बात सुन कर होगा विचार
सुनवाई से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि लंबे समय से खालसा पंथ की सहमति लिए बिना और सिख संस्थाओं को दरकिनार करते हुए वर्ष 2008 के कानून में संशोधन किया गया है। उनका कहना था कि इस संशोधन के बाद गुरु और सिख के बीच सरकार कानून के माध्यम से आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिख धर्म के धार्मिक मामलों और श्री अकाल तख्त साहिब की परंपरागत अधिकारिता में हस्तक्षेप किया है। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि इसी विषय पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए पंजाब सरकार के सिख मंत्रियों और विधायकों को श्री अकाल तख्त साहिब में बुलाया गया है। पांच सिंह साहिबान अब सभी पक्षों की बात सुनकर इस पूरे मामले पर विचार करेंगे।

एक्ट पास होने के बाद उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार द्वारा पारित जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर धार्मिक संगठनों और सिख समुदाय के एक वर्ग की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए संबंधित जनप्रतिनिधियों को तलब किया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पांच सिंह साहिबान सुनवाई के बाद इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर क्या फैसला या अगला निर्देश जारी करते हैं।

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