HDFC Bank Share Price: HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के लिए अपने बिजनेस अपडेट जारी कर दिए हैं। बैंक ने लोन बुक और डिपॉजिट दोनों ही मोर्चों पर स्थिर प्रदर्शन किया है। इस वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से त्योहारी सीजन की मांग और सरकार द्वारा दी गई टैक्स कटौती जैसे कारकों का हाथ रहा है। हालांकि, सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया ठंडी रही।
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सालाना आधार पर 9% की मजबूत वृद्धि
बताते चले कि, बैंक के मैनेजमेंट के तहत कुल एडवांसेज में सालाना आधार पर (YoY) 9% का उछाल देखा गया है। दिसंबर 2025 के अंत तक यह आंकड़ा बढ़कर 28,63,900 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 26,27,600 करोड़ रुपये था। यदि 31 दिसंबर 2025 तक के विशिष्ट आंकड़ों को देखें, तो एडवांसेज 9.8% की दर से बढ़कर 29,46,000 करोड़ रुपये रहे हैं। यह बैंक की क्रेडिट मांग में लगातार आ रही मजबूती को दर्शाता है।
टर्म डिपॉजिट की ओर निवेशकों का बढ़ता रुझान
HDFC बैंक के औसत डिपॉजिट में सालाना आधार पर 12.2% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 27,52,400 करोड़ रुपये हो गया है। जमा राशि के विश्लेषण से पता चलता है कि निवेशक वर्तमान में फिक्स्ड या टाइम डिपॉजिट को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
CASA डिपॉजिट: चालू और बचत खाते (CASA) में 9.9% की वृद्धि के साथ 8,98,400 करोड़ रुपये जमा हुए।
टाइम डिपॉजिट: सावधि जमा में 13.4% की भारी बढ़त देखी गई, जो 18,53,900 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
बिजनेस अपडेट के बाद स्टॉक कीमतों में गिरावट
शानदार परिचालन प्रदर्शन के बावजूद, शेयर बाजार में HDFC बैंक के शेयरों पर दबाव देखा गया। बिजनेस अपडेट जारी होने के बाद, सुबह करीब 11:35 बजे बैंक का शेयर 1.70% गिरकर 984.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक शायद बैंक के मार्जिन और भविष्य के गाइडेंस को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसके कारण बिकवाली का दबाव बना।
मर्जर के बाद की चुनौतियां
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, जुलाई 2023 में पेरेंट कंपनी HDFC के साथ हुए ऐतिहासिक विलय के बाद से बैंक अपनी बैलेंस शीट को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। मर्जर के कारण बैंक के पास लोन का एक बड़ा पोर्टफोलियो तो आ गया, लेकिन उसके अनुपात में डिपॉजिट की मात्रा कम रही। इस चुनौती से निपटने के लिए बैंक मैनेजमेंट लगातार डिपॉजिट बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि लोन-टू-डिपॉजिट रेश्यो (LDR) को एक स्वस्थ स्तर पर बनाए रखा जा सके।
17 जनवरी को घोषित होंगे तिमाही नतीजे
निवेशकों और बाजार की नजर अब 17 जनवरी 2026 पर टिकी है, जब HDFC बैंक अपने Q3FY26 के पूर्ण वित्तीय परिणाम घोषित करेगा। इन नतीजों से बैंक की लाभप्रदता (Profitability), नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और एसेट क्वालिटी की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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