HCS Exam 2026: हरियाणा में आज हरियाणा सिविल सेवा (HCS) प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा को लेकर पूरे राज्य में प्रशासन ने सख्त और व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा में राज्यभर से कुल 93,696 अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं, जो इसे एक बड़ी और महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा बनाता है।
इस परीक्षा के लिए हरियाणा के 8 जिलों में कुल 337 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को दो शिफ्टों में आयोजित किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चल रही है, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है।
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यमुनानगर में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र
यमुनानगर जिले में इस परीक्षा के लिए 23 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। सुबह से ही यहां अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले सभी उम्मीदवारों की कड़ी जांच की जा रही है, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पूरे परीक्षा केंद्रों में CCTV कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।
प्रशासन की सख्त निगरानी और निरीक्षण
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। प्रीति और कमलदीप गोयल स्वयं परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है।
अभ्यर्थियों में उत्साह, लेकिन कुछ परेशानियां भी
परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखा गया। कई उम्मीदवारों ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस परीक्षा में भाग लिया है और इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। अभ्यर्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और तैयारी का जोश साफ दिखाई दे रहा था।
हालांकि, परीक्षा केंद्रों के बाहर आए अभिभावकों ने कुछ व्यवस्थागत समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि कई केंद्रों के आसपास बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और पार्किंग की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
परीक्षा व्यवस्था और प्रशासन की चुनौती
कुल मिलाकर, प्रशासन ने परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्था के स्तर पर कड़े इंतजाम किए गए हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है।
अब देखना यह होगा कि दिनभर चलने वाली यह बड़ी परीक्षा कितनी सुचारू और सफल तरीके से संपन्न हो पाती है और प्रशासन सभी व्यवस्थागत चुनौतियों को कितनी प्रभावी तरीके से संभालता है।









