Hawaii Kona Storm: अमेरिका के हवाई राज्य का खूबसूरत ओआहू द्वीप इस समय प्रकृति के विनाशकारी रूप का सामना कर रहा है। शुक्रवार को आए ‘कोना’ तूफान (Kona Storm) ने द्वीप पर भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ओआहू ने पिछले दो दशकों में ऐसी भीषण बाढ़ और जलप्रलय नहीं देखा है। तूफान के बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Flood) ने न केवल घरों को डुबो दिया है, बल्कि द्वीप के बुनियादी ढांचे को भी अरबों रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
कुदरत का कोहराम: 8300 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का अनुमान
‘कोना’ तूफान के कारण ओआहू द्वीप पर रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही का मंजर पैदा कर दिया। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि स्थानीय निवासियों को संभलने या सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका भी नहीं मिला। सड़कों पर कीचड़ युक्त पानी का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें कई गाड़ियां तिनकों की तरह बहती नजर आईं। हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने प्रारंभिक आकलन के आधार पर बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से अब तक 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8300 करोड़ रुपये) से अधिक की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। होनोलूलू के मेयर रिक ब्लांजियार्डी के अनुसार, सैकड़ों घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और नुकसान का सटीक आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
बांध पर मंडराता खतरा: जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि से दहशत
बाढ़ के इस संकट के बीच सबसे बड़ी चिंता का विषय स्थानीय बांध का बढ़ता जलस्तर बना हुआ है। भारी बारिश के चलते महज 24 घंटों के भीतर बांध का पानी 79 फीट से बढ़कर 84 फीट तक पहुंच गया। यह जलस्तर बांध की अधिकतम धारण क्षमता से केवल 6 फीट कम रह गया था, जिससे बांध के टूटने का गंभीर खतरा पैदा हो गया। हालांकि, वर्तमान में जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन मौसम विभाग की आगामी चेतावनी ने प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। यदि आने वाले दिनों में फिर से भारी बारिश होती है, तो निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
युद्ध स्तर पर बचाव कार्य: 5500 लोगों को पलायन का आदेश
आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 5,500 लोगों को तत्काल अपने घर खाली करने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने के आदेश दिए हैं। रेस्क्यू टीमों ने अब तक हवाई और जल मार्ग के जरिए 230 से अधिक फंसे हुए लोगों को सफलतापूर्वक निकाला है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी व्यक्ति की मृत्यु या लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, कड़ाके की ठंड और पानी में लंबे समय तक रहने के कारण 10 लोगों को हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान खतरनाक रूप से कम होना) की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
राहत कार्यों में ड्रोन बनी बाधा: प्रशासन की सख्त अपील
बचाव कार्यों के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और पर्यटकों द्वारा निजी ड्रोन उड़ाने के कारण राहत टीमों और हेलीकॉप्टरों को अपनी गतिविधियों में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाधा न डालें। बाढ़ का प्रभाव इतना व्यापक था कि वायलुआ हाई और इंटरमीडिएट स्कूल में बनाए गए अस्थाई राहत शिविर में भी पानी घुस गया, जिसके बाद वहां शरण लिए हुए लोगों और उनके पालतू जानवरों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। मौसम विभाग ने हलेइवा और वायलुआ इलाकों में अभी भी ‘फ्लैश फ्लड’ की चेतावनी बरकरार रखी है।
पुनर्निर्माण की लंबी और कठिन डगर
ओआहू द्वीप पर ‘कोना’ तूफान का जाना अभी केवल शुरुआत है, क्योंकि इसके बाद होने वाला पुनर्निर्माण कार्य काफी लंबा और खर्चीला होगा। प्रशासन वर्तमान में बिजली बहाली और सड़कों से मलबा साफ करने को प्राथमिकता दे रहा है।









