Haryana Weather: भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और असहनीय उमस की मार झेल रहे हरियाणा के वासियों के लिए आखिरकार मौसम विभाग की ओर से एक बेहद राहत भरी खबर आई है। लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय (Active) हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के वायुमंडल में एक मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव हुआ है, जो आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल कर रख देगा। मौसम वैज्ञानिकों ने हरियाणा के सात प्रमुख जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस मानसूनी फुहारों के बाद प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से सीधे तौर पर निजात मिलेगी।
इन 7 जिलों के लिए ‘विशेष अलर्ट’
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून की यह सक्रियता अल्पकालिक नहीं है, बल्कि आगामी 11 जुलाई तक पूरे हरियाणा में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तर और दक्षिण-पूर्वी हरियाणा के जिन सात जिलों को विशेष रूप से चिन्हित करते हुए भारी बारिश और वज्रपात (गरज-चमक) का अलर्ट जारी किया है, वे निम्नलिखित हैं:
पंचकूला
अंबाला
यमुनानगर
महेंद्रगढ़
रेवाड़ी
नूंह
पलवल
इन क्षेत्रों के प्रशासन और आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि यहाँ तेज हवाओं के साथ भारी मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
मध्य और मैदानी इलाकों में भी होगी अच्छी बारिश
भारी अलर्ट वाले जिलों के अलावा हरियाणा के मध्यवर्ती और अन्य मैदानी हिस्सों में भी मानसून मेहरबान रहने वाला है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत जिलों के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ अच्छी और संतोषजनक बारिश होने का अनुमान है। झज्जर, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी और चरखी दादरी के कुछ हिस्सों में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। यहाँ कुछ स्थानों पर ठंडी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है, जिससे वातावरण में ठंडक घुलेगी।
मौसम होगा सुहावना
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मानसूनी हवाओं के कमजोर पड़ने और बारिश थमने के कारण हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ गया था। प्रदेश का अधिकतम तापमान 36 डिग्री से लेकर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था। तापमान में इस बढ़ोतरी और हवा में नमी के कारण लोग भीषण उमस से बेहाल थे और घरों से निकलना दूभर हो गया था। अब मौसम वैज्ञानिकों का दृढ़ अनुमान है कि इस मानसूनी बारिश के शुरू होते ही दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। ठंडी हवाएं चलने से न सिर्फ आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि यह मानसूनी बारिश प्रदेश के किसानों और फसलों के लिए भी संजीवनी का काम करेगी।










