Haryana Weather Alert: हरियाणा में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मौसम ने करवट बदल ली है। राज्य के सिरसा, हिसार, रेवाड़ी, पलवल, नूंह और यमुनानगर समेत 10 से अधिक जिलों में आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
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मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के वायुमंडल में यह बदलाव देखा जा रहा है। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज 1 जून तक लगातार बना रहेगा। इस दौरान हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में धूल भरी तेज हवाएं चलेंगी और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश होगी। इस मौसमी बदलाव के चलते दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि, 1 जून के बाद मौसम धीरे-धीरे दोबारा खुश्क (साफ) होने लगेगा।
इन जिलों में भारी आंधी और ओलावृष्टि की आशंका (ऑरेंज अलर्ट)
हरियाणा के कुछ जिलों में आंधी की रफ्तार काफी खतरनाक हो सकती है। सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और यमुनानगर में विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है। इन इलाकों में हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की उम्मीद है, जो बढ़कर 90 किलोमीटर प्रति घंटे (90 kmph) तक भी पहुँच सकती है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (ओले गिरने) की आशंका भी जताई है।
उत्तर और मध्य हरियाणा में ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है:
शामिल जिले: पंचकूला, अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक।
पूर्वानुमान: इन उत्तर और मध्य हरियाणा के जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
हरियाणा में कब आएगा प्री-मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों ने मानसून की प्रगति को लेकर भी अहम जानकारी साझा की है। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले ही अंडमान क्षेत्र में पहुँच गया था, लेकिन केरल के तट की ओर आगे बढ़ते समय इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है। वर्तमान वैश्विक और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उत्तर भारत और विशेषकर हरियाणा राज्य में प्री-मानसून की गतिविधियां 22 जून से 25 जून के आसपास शुरू हो सकती हैं, जिससे जून के आखिरी हफ्ते में राज्य को नियमित राहत मिलने लगेगी।
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