Haryana News: तीन बार सत्यापन के बाद भी नहीं मिले वोटर, अब कटेंगे लाखों नाम

Haryana Voter List Update: हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान 28 लाख से अधिक मतदाता अपने पते पर नहीं मिले। निर्वाचन विभाग ने इन्हें ASD श्रेणी में रखते हुए ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाने का फैसला किया है। मतदाता समय रहते सूची में अपना नाम जरूर जांच लें।

तीन बार सत्यापन के बाद भी नहीं मिले वोटर

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 14, 2026

Haryana News: हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया है। इस अभियान के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। विभाग के अनुसार, राज्यभर में करीब 28,00,687 मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। लगातार सत्यापन के बावजूद इन मतदाताओं का पता नहीं चल सका, जिसके बाद इन्हें विशेष श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान केवल पात्र मतदाता ही सूची में शामिल रहें।

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तीन बार सत्यापन के बाद भी नहीं मिले मतदाता

जानकारी के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अधिकारियों ने प्रत्येक संदिग्ध मतदाता के पते पर तीन बार जाकर संपर्क करने का प्रयास किया। इसके बावजूद लाखों लोग अपने दर्ज पते पर नहीं मिले। सत्यापन के दौरान कई मामलों में यह सामने आया कि संबंधित व्यक्ति किसी दूसरे स्थान पर जा चुका है, कुछ मामलों में मतदाता की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि कुछ रिकॉर्ड में डुप्लीकेट प्रविष्टियां भी मिलीं। कई स्थानों पर घर बंद मिले या वहां कोई दूसरा परिवार रह रहा था।

ASD श्रेणी में रखे गए लाखों मतदाता

निर्वाचन विभाग ने जिन मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका, उन्हें ASD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) श्रेणी में रखा है। इस श्रेणी में ऐसे मतदाता शामिल किए जाते हैं जो अनुपस्थित हैं, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है। इन सभी मतदाताओं के नाम 21 जुलाई को जारी होने वाली प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। हालांकि, यह अंतिम निर्णय नहीं होगा। जिन मतदाताओं का नाम सूची से हटाया गया है, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी मिलेगा।

शहरी जिलों में सबसे ज्यादा प्रभावित मतदाता

निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक संख्या में ऐसे मतदाता मिले, जिनका सत्यापन नहीं हो पाया। खासकर पंचकूला जिले में अनुपस्थित मतदाताओं का प्रतिशत सबसे अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और अन्य बड़े शहरों में भी बड़ी संख्या में मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। अधिकारियों का मानना है कि नौकरी, शिक्षा और अन्य कारणों से लोगों का लगातार स्थान परिवर्तन शहरी क्षेत्रों में इस स्थिति का प्रमुख कारण है।

ऐसे जांचें मतदाता सूची में अपना नाम

यदि आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपका नाम मतदाता सूची में शामिल है या नहीं, तो निर्वाचन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या वोटर सेवा पोर्टल पर जाएं। वहां अपना EPIC नंबर या नाम, जिला, विधानसभा क्षेत्र और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करके मतदाता सूची में अपना नाम खोजा जा सकता है। यदि ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध न हो, तो संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर भी अपने नाम की पुष्टि की जा सकती है।

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दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा मौका

यदि किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची से हट जाता है या उसमें कोई त्रुटि होती है, तो निर्वाचन विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में दोबारा शामिल किए जा सकते हैं। निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान के अधिकार का बिना किसी परेशानी के उपयोग कर सकें।