Haryana News: स्कूली विद्यार्थियों को समुद्र, समुद्री जीव-जंतुओं और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराने के उद्देश्य से वाइल्ड विजडम ग्लोबल चैलेंज-2026 आयोजित किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय ज्ञान प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 9 तक के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और पृथ्वी के संतुलन में महासागरों की अहम भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता का अनुभव ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल कर सकेंगे।
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निःशुल्क होगा पंजीकरण
बताते चलें कि, इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसी भी तरीके का पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है। ऐसे में सभी इच्छुक विद्यार्थी मुफ्त में इसमें शामिल हो सकते हैं।हालांकि, प्रत्येक विद्यालय के लिए कम से कम 50 विद्यार्थियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इससे अधिक संख्या में भी छात्र प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। आयोजन समिति की ओर से सभी प्रतिभागियों को डिजिटल (ई-) प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल के शिक्षक समन्वयक को भी उनके योगदान के लिए सम्मान प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
पांच चरणों में होगी पूरी प्रतियोगिता
वहीं वाइल्ड विजडम चैलेंज-2026 को कुल पांच किरणों में आयोजित किया जाएगा, ताकि स्तरों पर विद्यार्थियों की प्रतिभा का मूल्यांकन किया जा सके। पहला चरण जुलाई से सितंबर के बीच आयोजित होगा, जिसमें कक्षा स्तर पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता कराई जाएगी। इस दौरान शिक्षक लाइव लीडरबोर्ड के माध्यम से अपने विद्यार्थियों के प्रदर्शन और प्रगति पर नजर रख सकेंगे।इसके बाद सितंबर और अक्टूबर में राज्य स्तरीय ऑनलाइन प्रतियोगिता होगी, जिसमें प्रत्येक विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ टीम हिस्सा लेगी। इसके पश्चात अक्टूबर में देश के पांच अलग-अलग जोन में जोनल स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
प्रतिभा दिखाने का अवसर
जोनल प्रतियोगिता में सफल रहने वाली टीमें नवंबर में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल में भाग लेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष टीमें दिसंबर में होने वाले वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर अपनी जानकारी और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय को प्रतिष्ठित पांडा ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। वहीं राज्य, जोनल और राष्ट्रीय स्तर पर विजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल, प्रमाणपत्र और अन्य विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाली टीमों को भारत के किसी प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य या प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र की पूरी तरह प्रायोजित शैक्षणिक यात्रा का अवसर भी मिलेगा। इस यात्रा के दौरान विद्यार्थी वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से समझने का अनुभव प्राप्त करेंगे।
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शिक्षा के साथ प्रकृति से जुड़ने का अवसर
यह प्रतियोगिता केवल एक सामान्य क्विज नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, महासागरों के महत्व और जैव विविधता के प्रति संवेदनशील बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और वैश्विक मुद्दों को समझने की क्षमता विकसित होगी, जो उनके भविष्य के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी।










