Haryana Power Crisis: सावधान! हरियाणा में बिजली की भारी किल्लत, सरकार ने शुरू की महंगी बिजली खरीद

हरियाणा में अचानक बढ़े बिजली संकट ने सरकार को मजबूर कर दिया है कि वह महंगी दरों पर बिजली खरीदने के लिए कदम उठाए, लेकिन क्या यह समस्या केवल मांग और आपूर्ति का अंतर है या इसके पीछे कोई गहरी योजना या संरचनात्मक कमी छिपी हुई है, जानिए पूरा सच

हरियाणा में बिजली की भारी किल्लत

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 1, 2026

Haryana Power Crisis: हरियाणा में आने वाले समय में बिजली की किल्लत एक बड़ी चुनौती बन सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026-27 के गर्मी के मौसम में राज्य में बिजली की खपत अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचने वाली है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और बिजली निगमों ने अभी से कमर कस ली है और बिजली खरीद की योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।

Haryana News: लाल डोरा विवाद निपटान प्रक्रिया में बदलाव, अब DRO और तहसीलदार के पास होंगे अधिकार

भीषण गर्मी में 16,454 मेगा वॉट तक जाएगी मांग

हरियाणा पावर परचेज सेंटर (HPPC) की रिपोर्ट के अनुसार, 2026-27 के पीक सीजन (मई-जुलाई) के दौरान राज्य की बिजली मांग 16,454 मेगा वॉट तक पहुँचने का अनुमान है। वहीं, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने भी इस आंकड़े के 16,337 मेगा वॉट के आसपास रहने की संभावना जताई है। अगर तुलना करें, तो साल 2025 की गर्मियों में अधिकतम मांग 15,300 मेगा वॉट दर्ज की गई थी। इस बार मांग में होने वाली यह भारी बढ़ोतरी राज्य के मौजूदा बिजली ढांचे पर दबाव डाल सकती है।

आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शॉर्ट टर्म बिजली खरीद

संभावित संकट को देखते हुए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने शॉर्ट टर्म आधार पर बिजली खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। आयोग ने जून से अगस्त की अवधि के लिए 687 मेगा वॉट 24 घंटे बिजली खरीदने की मंजूरी दी है। इससे पहले, 1 मई से 30 मई तक 6.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से 1,345 मेगा वॉट बिजली खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे बाद में संशोधित कर सीमित अवधि के लिए स्वीकृत किया गया। सरकार की कोशिश है कि महंगी दरों पर बिजली खरीदकर भी उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

Haryana News: हरियाणा में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा, हिसार को नई खेल नर्सरियों की सौगात

केंद्रीय सहायता और बाहरी राज्यों से बैकअप

राज्य की बिजली कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने भी कदम बढ़ाए हैं। गुजरात के मुंद्रा स्थित कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड (CGPL) से हरियाणा को 380 मेगा वॉट बिजली मिलेगी। इसके अतिरिक्त, अन्य केंद्रीय बिजली स्टेशनों से 337 मेगा वॉट अतिरिक्त कोटा आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।

मई से जुलाई के बीच रहेगा सबसे ज्यादा दबाव

अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, बिजली की आपूर्ति और मांग के बीच का अंतर जून और जुलाई में सबसे अधिक रहने वाला है:

  • मई: लगभग 988 मेगा वॉट की कमी।
  • जून: करीब 2,532 मेगा वॉट की कमी।
  • जुलाई: 2,605 मेगा वॉट तक का बड़ा गैप।
  • अगस्त और सितंबर: मानसून की सक्रियता के साथ मांग कम होने लगेगी और कमी क्रमशः 1,428 और 296 मेगा वॉट तक सिमट जाएगी।

Haryana News: अब सीधे अंदौरा से कोलकाता यात्रा, रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी