Haryana News: हरियाणा में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब भारत में भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 3 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2022 के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। इस फैसले का सीधा असर हरियाणा के लोगों पर पड़ा है, जहां आम नागरिकों से लेकर किसान और व्यापारी तक महंगाई को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं।
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प्रदेश के कई शहरों में बढ़े ईंधन के दाम
आपको बता दें कि, हरियाणा के प्रमुख शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, अंबाला और कुरुक्षेत्र में नई कीमते लागू हो चुकी हैं। पेट्रोल और डीजल महंगा होने से रोजमर्रा की यात्रा और माल ढुलाई की लागत में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। इसका असर आने वाले दिनों में बाजार की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। कुरुक्षेत्र में पेट्रोल की कीमत 98 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गई है, जबकि डीजल भी 90 रुपये प्रति लीटर के पार चला गया है। बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों देखने को मिल रही हैं।
किसानों पर बढ़ा आर्थिक दबाव

हरियाणा कृषि प्रधान राज्यों में गिना जाता है। यहां बड़ी संख्या में किसान खेती और सिंचाई के लिए डीजल पर निर्भर रहते हैं। गर्मी के मौसम में खेतों में पानी देने और कृषि मशीनों को चलाने के लिए डीजल की खपत अधिक होती है। ऐसे में डीजल की कीमत में अचानक हुई वृद्धि किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ लेकर आई है। किसानों का कहना है कि पहले ही खाद, बीज और बिजली की लागत बढ़ चुकी है, अब डीजल महंगा होने से खेती करना और मुश्किल हो जाएगा। इससे फसल उत्पादन की लागत भी बढ़ने की संभावना है।
नौकरीपेशा लोगों का बिगड़ेगा मासिक बजट
दिल्ली-एनसीआर से जुड़े हरियाणा के शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत से रोजाना लाखों लोग काम के लिए यात्रा करते हैं। पेट्रोल और डीजल महंगा होने से निजी वाहन चलाने वालों के खर्च में सीधा इजाफा होगा। वहीं टैक्सी और बस सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। दैनिक यात्रियों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में यह उछाल उनके मासिक बजट को प्रभावित करेगा।
जरूरी सामान भी हो सकते हैं महंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आ सकती है। इससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
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कई पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी
कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ हरियाणा के कुछ शहरों में पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें भी सामने आई हैं। कई पेट्रोल पंपों पर लोगों को बिना तेल भरवाए वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि सप्लाई प्रभावित होने के कारण कुछ जगहों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध नहीं हो पाया।
कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा स्थित पेट्रोल पंप सहित कई स्थानों पर दिनभर बिक्री प्रभावित रही। वाहन चालकों ने सरकार और तेल कंपनियों से जल्द सप्लाई सामान्य करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके।










