Haryana News: दिल्ली और हरियाणा के कई प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर, कालकाजी का माता कालका मंदिर और महरौली स्थित योगमाया मंदिर सहित हरियाणा के पिंजौर में भीमा देवी मंदिर, पेहोवा का कार्तिकेय मंदिर और कुरुक्षेत्र के स्थानेश्वर महादेव मंदिर को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। एक ईमेल के जरिए मिली इस चेतावनी के बाद दोनों राज्यों के सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही संबंधित जिलों के पुलिस और प्रशासन को तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट पर रखा गया है।
‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से भेजा गया धमकी भरा ईमेल
धमकी देने वालों ने ईमेल में खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया है। ईमेल भेजने वालों के तौर पर Eng. Guranakh Singh, Rukan Shahwala, Dr. Gurnirvair Singh और Khan Rajada के नाम सामने आए हैं। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया एजेंसियां और साइबर सेल की टीमें सक्रिय हो गई हैं। धमकी भरे संदेश में जिस तरह से दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख धार्मिक स्थलों को टारगेट करने की बात कही गई है, उससे स्पष्ट है कि यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के सोर्स और आईपी एड्रेस (IP Address) का पता लगाने में जुटी हैं।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बम की धमकी मिलने के बाद दिल्ली और हरियाणा के पुलिस अधिकारियों ने इन मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। मंदिरों के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस ने मंदिर समितियों से भी अपील की है कि वे परिसर में सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अनजान वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।
खुफिया एजेंसियां और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले को लेकर लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे इस धमकी को हल्के में नहीं ले रहे हैं और इसे एक बड़ी साजिश की तरह देख रहे हैं। ईमेल में शामिल नामों और उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है ताकि उनके नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। स्थानीय पुलिस ने श्रद्धालुओं को घबराने की जगह धैर्य रखने की अपील की है और कहा है कि सुरक्षा के सभी मानकों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
माहौल खराब करने की नाकाम कोशिश
धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की इस धमकी के पीछे का मकसद समाज में डर फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना हो सकता है। प्रशासन ने आम जनता से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोहराया है कि कट्टरपंथी तत्वों द्वारा इस तरह की धमकियां देकर शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिशें पहले भी की जाती रही हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।










