Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुंबई में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। इस बैठक में पानीपत के ऐतिहासिक काला अंब स्थल पर एक भव्य मराठा शौर्य स्मारक के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसे दोनों राज्य सरकारें मिलकर विकसित कर रही हैं।
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पानीपत के तीसरे युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
काला अंब पानीपत शहर से लगभग आठ किलोमीटर दूर उग्राखेड़ी क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है।
युद्ध का इतिहास: यह स्थान 14 जनवरी 1761 को हुए तीसरे पानीपत युद्ध से जुड़ा है, जो मराठा सेनापति सदाशिवराव भाऊ और अहमद शाह अब्दाली की सेना के बीच लड़ा गया था।
काला आम का पेड़: इस जगह का नाम एक काले आम के पेड़ के नाम पर रखा गया है, जिसके नीचे बैठकर भाऊ ने अपना अंतिम संघर्ष किया था। हालांकि वह पुराना पेड़ अब मौजूद नहीं है, लेकिन वहां आज भी स्मारक-स्तंभ बने हुए हैं।
मौजूदा स्थिति: वर्तमान में यह युद्ध स्मारक लगभग सात एकड़ क्षेत्र में फैला है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के संरक्षण में आता है।
लगभग 16 एकड़ में आकार लेगा नया शौर्य स्मारक
दोनों राज्यों की साझा योजना के तहत इस ऐतिहासिक स्थल को लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में एक भव्य और आधुनिक शौर्य स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा।
साझा भागीदारी: इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए हरियाणा और महाराष्ट्र सरकारें पूरी तरह सक्रिय हैं। महाराष्ट्र के राज्यपाल के वर्ष 2025 के अभिभाषण में भी इस मराठा शौर्य स्मारक के निर्माण का आधिकारिक उल्लेख किया गया था।
प्रमुख दौरे और प्रगति: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जनवरी 2025 में खुद काला अंब का दौरा कर मराठा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी और इसके विकास में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था। इसके बाद, जून 2025 में महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खारगे के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के अधिकारियों के साथ भूमि, डिजाइन और परियोजना की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की थी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास, मराठाओं के अदम्य साहस और उनके बलिदान से अवगत कराना है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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