Haryana News: हरियाणा के हिसार में आज का दिन राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी गरमाया रहने वाला है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में आयोजित होने वाली ‘छात्र महापंचायत’ ने प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिसिया कार्रवाई, छापेमारी और आरोपों-प्रत्यारोपों के चक्रव्यूह में फंस गया है।
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महापंचायत का उद्देश्य और छात्र संगठनों की एकजुटता
हिसार के क्रांतिमान पार्क में आयोजित होने वाली इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य पुलिस द्वारा छात्र नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध करना है। जननायक जनता पार्टी (JJP) और उनकी छात्र इकाई इनसो (INSO) ने इस मंच पर एकजुटता दिखाने के लिए ABVP को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख छात्र संगठनों जैसे NSUI, SFI को आमंत्रित किया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दुष्यंत चौटाला इस महापंचायत के जरिए युवाओं और छात्रों के मुद्दों को उठाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। भीड़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने हिसार के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है।
SIT की क्लीन चिट
महापंचायत से ठीक पहले विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है, जिसने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि सीआईए-2 (CIA-2) इंचार्ज इंस्पेक्टर पवन कुमार ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी।
SIT रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
क्लीन चिट: जांच दल ने इंस्पेक्टर पवन कुमार को सभी आरोपों से बरी करते हुए उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी है।
नियमों का उल्लंघन: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुष्यंत के काफिले की गाड़ियाँ ही नियमों का उल्लंघन कर रही थीं।
सीसीटीवी फुटेज: पुलिस का कहना है कि फुटेज के अनुसार उस समय इंस्पेक्टर के पास कोई हथियार भी नहीं था।
विपक्ष ने इस रिपोर्ट को ‘एकतरफा’ बताते हुए खारिज कर दिया है, जिससे टकराव बढ़ गया है।
विवाद की जड़
यह पूरा विवाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए हंगामे के बाद शुरू हुआ। पुलिस ने इस मामले में जेजेपी और इनसो के छात्र नेताओं के घरों पर देर रात छापेमारी की थी। दुष्यंत चौटाला का आरोप है कि पुलिस ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं।
आरोप और कानूनी कार्रवाई
बदसलूकी का आरोप: चौटाला के अनुसार, पुलिस बिना महिला कांस्टेबल के आधी रात को कार्यकर्ताओं के घरों में घुसी और महिलाओं व बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने इसे कानून का पालन नहीं बल्कि ‘पुलिसिया गुंडागर्दी’ करार दिया है।
हाईकोर्ट में सुनवाई: यह मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुँच चुका है। कोर्ट ने पुलिस की इस सख्त कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए हिसार एसपी (SP) से हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय है।









