Haryana News: हरियाणा में कर्मचारियों और सरकार के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। यूनियन का कहना है कि सरकार पिछले समझौते से पीछे हट रही है, जिसके चलते कर्मचारियों में भारी रोष है। इस संबंध में रविवार को मुख्य दमकल केंद्र में जिला प्रधान अजय श्योराण की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और आगामी उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
Haryana News: छात्र प्रदर्शन पर अनिल विज के सख्त तेवर, PM मोदी की भी की तारीफ
सरकार पर समझौते से मुकरने का गंभीर आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान राजेंद्र सिणद और राज्य वरिष्ठ उप प्रधान राजीव खत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गत 13 मई को हुए द्विपक्षीय समझौते में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सरकार के साथ पूरी सहमति बनी थी।
लागू करने से बच रही सरकार: नेताओं का आरोप है कि सरकार अब उन लिखित समझौतों को धरातल पर लागू करने से कन्नी काट रही है।
जॉब सिक्योरिटी पर असंतोष: यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा दिया गया जॉब सिक्योरिटी का पत्र किसी भी सूरत में नियमित सरकारी नौकरी का विकल्प नहीं हो सकता।
पूर्ण क्रियान्वयन की मांग: कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि समझौते में तय की गई सभी शर्तों को बिना किसी टालमटोल के पूरी तरह से लागू किया जाना अनिवार्य है।
सफाई कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़: पुरुषोत्तम दानव
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने भी बैठक में शिरकत की और सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में सफाई कर्मचारियों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ग्रुप-डी के रिक्त पदों पर सफाई कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति नहीं की जा रही है, जिससे युवाओं और लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों में निराशा है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थायी भर्ती और अन्य न्यायसंगत मांगों को मनवाने के लिए कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
छह अगस्त से तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारियों ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आगामी 5 अगस्त तक उनकी सभी लंबित मांगों को आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया, तो राज्यभर के कर्मचारी सड़कों पर उतर आएंगे।
हड़ताल की तिथियां: इसके तहत 6, 7 और 8 अगस्त को लगातार तीन दिनों तक राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी: यूनियन ने यह भी साफ कर दिया कि यदि इन तीन दिनों में भी सरकार ने उनकी सुध नहीं ली और समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।
प्रमुख मांगें और बैठक में मौजूद अन्य चेहरे
इस उच्च-स्तरीय बैठक में दमकल और सफाई कर्मचारियों से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण मांगों को भी जोर-शोर से उठाया गया, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई है:
फायर कर्मचारियों को पक्का (नियमित) करना।
जोखिम भत्ता (Risk Allowance) और वर्दी भत्ता (Uniform Allowance) का भुगतान।
वेतन वृद्धि के एरियर का लाभ देना।
ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले बलिदानी दमकल कर्मियों के आश्रितों को वित्तीय सहायता और नौकरी देना। बैठक के दौरान सुमेर आर्य, सुशील कुमार, राजेश गुर्जर, अभिषेक भाटी, नवीन, उमेश राठी, गोविंद बुल्ला, सुमेर सिंह और ईश्वर सिंह सहित कई प्रमुख कर्मचारी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकसुर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
Haryana News: कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा का पंच, 7 मुक्केबाज गोल्ड मेडल जीतने के करीब










