Haryana News: हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आ रही है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) अपने उपभोक्ताओं को निर्बाध, विश्वसनीय और बेहतर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। ‘उपभोक्ता संतुष्टि’ के अपने मूल लक्ष्य को हासिल करने और लोगों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को तुरंत सुलझाने के लिए निगम द्वारा एक विशेष और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसके तहत आज, यानी 27 मई 2026 को उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष मंच (अदालत) का आयोजन किया जा रहा है, जहां मामलों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण किया जाएगा।
रोहतक के राजीव गांधी विद्युत भवन में सुबह 11 बजे से शुरू होगी सुनवाई। बिजली निगम के आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह विशेष सुनवाई ‘उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच’ (CGRF) के रेगुलेशन 2.8.2 के तहत आयोजित की जा रही है। इस मंच की कार्यवाही आज (27 मई 2026) रोहतक के पावर हाउस स्थित राजीव गांधी विद्युत भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की जा रही है। इसका समय प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
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इन 5 जिलों के उपभोक्ता उठा सकेंगे लाभ
इस अदालत में रोहतक जोन के अंतर्गत आने वाले कुल पांच प्रमुख जिलों— करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर और खुद रोहतक के बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायतें लेकर सीधे पहुंच सकते हैं।
1 लाख से 3 लाख रुपये तक के वित्तीय विवादों पर होगा सीधा एक्शन
बिजली निगम ने साफ किया है कि यह मंच मुख्य रूप से 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि से जुड़े बड़े वित्तीय विवादों और शिकायतों की सुनवाई के लिए लगाया जा रहा है। इस विशेष सत्र के दौरान उपभोक्ताओं के गलत आए बिजली बिलों, बिजली की दरों (Tariff) से संबंधित विसंगतियों, मीटर सिक्योरिटी (Meter Security) से जुड़े मामलों, लंबे समय से खराब पड़े बिजली मीटरों और वोल्टेज की उतार-चढ़ाव (Voltage Fluctuations) से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।
किन मामलों पर नहीं होगी सुनवाई? निगम ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस मंच के दौरान बिजली चोरी (Power Theft), बिजली के अनधिकृत या गलत उपयोग (Misuse of Electricity) और किसी भी प्रकार की घातक या गैर-घातक दुर्घटनाओं से संबंधित संवेदनशील मामलों पर कोई विचार या सुनवाई नहीं की जाएगी।
सुनवाई के लिए शर्तें और नियम
फोरम के समक्ष अपने वित्तीय विवादों को प्रस्तुत करने से पहले उपभोक्ताओं को निगम के कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना होगा। विवादित मामले को दर्ज कराने से पहले उपभोक्ता को एक निश्चित राशि जमा करानी होगी। यह राशि पिछले 6 महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए औसत बिजली शुल्क के आधार पर हर महीने के लिए दावा की गई रकम, या फिर उसके द्वारा देय वास्तविक बिजली शुल्क के बराबर (जो भी दोनों में से कम हो) होनी चाहिए।
उपभोक्ता को फोरम के समक्ष यह लिखित रूप से प्रमाणित करना होगा कि उसका यह मामला देश की किसी अन्य अदालत, कानूनी प्राधिकरण या उपभोक्ता फोरम के समक्ष पहले से पेंडिंग (लंबित) नहीं है। जो मामले पहले से ही कहीं विचाराधीन हैं, उन पर आज की इस बैठक में कोई चर्चा नहीं की जाएगी।










