Haryana News: किसानों-सरकार के बीच बनी सहमति, शंभू बॉर्डर पर खत्म हुआ बड़ा गतिरोध

शंभू बॉर्डर पर कई घंटों तक चली किसानों और सरकार की अहम बातचीत के बाद अचानक ऐसा फैसला सामने आया जिसने पूरे आंदोलन की दिशा बदल दी। आखिर किन दो मांगों पर बनी सहमति, किन नेताओं की रिहाई होगी और अब दिल्ली कूच होगा या नहीं? जानिए पूरी कहानी।

शंभू बॉर्डर पर खत्म हुआ बड़ा गतिरोध

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 21, 2026

Haryana News: हरियाणा-पंजाब सीमा स्थित शंभू बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के बीच मंगलवार को हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक रही और किसानों की दो प्रमुख मांगों को स्वीकार करने पर सहमति बनी। मंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर किसान संगठन अपने नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे।

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गिरफ्तार किसानों की रिहाई पर बनी सहमति

बैठक के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार ने हिरासत में लिए गए किसानों और किसान नेताओं को रिहा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों की ओर से गुरनाम सिंह चढूनी सहित सभी गिरफ्तार नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग रखी गई थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने किसानों की दूसरी प्रमुख मांग भी मान ली है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही किसानों की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बातचीत करवाई जाएगी, ताकि उनकी चिंताओं और मांगों पर सीधे स्तर पर चर्चा हो सके।

आगे की रणनीति पर किसान संगठन करेंगे फैसला

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार की ओर से दोनों मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। अब किसान संगठन अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य की कार्रवाई आपसी सहमति और संगठन के निर्णय के आधार पर तय होगी।

दिल्ली कूच के आह्वान के बीच शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों ने दिल्ली के किसान घाट पर प्रदर्शन और “दिल्ली कूच” का आह्वान किया था। इसे देखते हुए हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित शंभू टोल प्लाजा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर कई स्थानों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग लगाई गई, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने कई वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए, ताकि यातायात प्रभावित न हो। पूरे क्षेत्र में हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

प्रशासन ने दी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदर्शनकारी समूह को फिलहाल दिल्ली की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई समूह जबरन बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास करेगा तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक और सख्त कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

ट्रेड डील को लेकर किसानों की चिंता

किसान संगठनों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि, डेयरी और पोल्ट्री जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किए जाने की संभावना है। किसानों को आशंका है कि यदि अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क कम किया गया तो सस्ते विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में आएंगे।

किसान नेताओं का दावा है कि इससे देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों की आय और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि भारतीय किसानों के लिए विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करना कठिन होगा, जिससे कृषि क्षेत्र में आर्थिक संकट गहरा सकता है।

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सरकार से समझौता रद्द करने की मांग

किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि जब तक किसानों के हितों की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इस समझौते को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। फिलहाल शंभू बॉर्डर पर सरकार और किसानों के बीच संवाद जारी है और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की अगली बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।