Haryana News: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। पिछले 11 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के कारण प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती जनसमस्याओं और बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अब कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत करने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि कल होने वाली बैठक में कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है, जिससे हड़ताल समाप्त होने की संभावना बन सकती है।
Haryana News: घर बैठे बनें स्पेस एक्सपर्ट; हरियाणा सरकार दे रही है एडवांस रॉकेट्री और रिमोट सेंसिंग की ट्रेनिंग
14 मई को चंडीगढ़ में होगी उच्च स्तरीय बैठक
प्रदेश सरकार की ओर से 14 मई 2026 को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल करेंगे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। अधिकारियों द्वारा सफाई कर्मचारियों की मांगों पर प्रशासनिक और आर्थिक पहलुओं से चर्चा की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद का समाधान निकालना है, ताकि प्रदेश में सामान्य सफाई व्यवस्था दोबारा बहाल की जा सके। कर्मचारी संगठनों की ओर से भी इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्मचारियों की 19 सूत्रीय मांगें बनीं आंदोलन की वजह
सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उनकी प्रमुख मांगों में वर्षों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देना शामिल है।
इसके अलावा हाल ही में हटाए गए करीब 3,500 कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है। कर्मचारी समान काम के बदले समान वेतन की मांग कर रहे हैं। साथ ही पुराने लंबित वेतन और भत्तों के भुगतान की भी मांग की जा रही है।
कर्मचारी संगठनों का यह भी कहना है कि पिछले आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज पुलिस केस और चार्जशीट को वापस लिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों को दबाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी।
हड़ताल से शहरों की सफाई व्यवस्था चरमराई
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर प्रदेश के कई बड़े शहरों में साफ दिखाई दे रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, जींद और अन्य शहरों में कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। बाजारों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी से लोगों को बदबू और संक्रमण का खतरा सताने लगा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने हालात संभालने के लिए निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मदद लेने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों के विरोध और सीमित संसाधनों के कारण यह प्रयास ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हो पाए।
वार्ता विफल हुई तो बढ़ सकती है हड़ताल
कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। उनका कहना है कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अपने अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। अब सभी की नजरें 14 मई को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सकारात्मक बातचीत होगी और प्रदेश में चल रहा यह गतिरोध जल्द समाप्त हो सकेगा।










