Haryana News: 1 जुलाई से हरियाणा में बदल जाएगा नियम, पेट्रोल-डीजल के लिए जरूरी होगा PUC

हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और वाहनों से होने वाले हानिकारक उत्सर्जन को कम करने के लिए एक सख्त नीति अपनाई है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 29, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए एक अत्यंत कड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट के वाहन चालकों को ईंधन (पेट्रोल या डीजल) नहीं मिलेगा। यह नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे हरियाणा में, विशेष रूप से नूंह जिले सहित सभी क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ हवा की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

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इस निर्णय के पीछे की मुख्य वजह

पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा के विभिन्न जिलों, विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के समीपवर्ती इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुँच गया है। वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं इसका एक प्रमुख कारण है। सरकार ने यह महसूस किया कि वाहन मालिक अपने वाहनों का समय-समय पर प्रदूषण स्तर जांचने में लापरवाही बरतते हैं। इस नियम का मूल उद्देश्य वाहन मालिकों को अपने वाहनों की प्रदूषण जांच के प्रति जिम्मेदार बनाना है, ताकि सड़कों पर चल रहे वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके।

पेट्रोल पंप संचालकों की तैयारी

इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पंप मालिकों का कहना है कि वे प्रशासन के इस आदेश का पूर्णतः पालन करने के लिए तैयार हैं। 1 जुलाई से प्रत्येक पेट्रोल पंप पर ईंधन वितरण से पहले पीयूसी सर्टिफिकेट की जांच अनिवार्य होगी। जिन वाहनों के पास वैध सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा। पेट्रोल पंप संचालकों ने वाहन चालकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या परेशानी से बचा जा सके।

एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

नूंह सहित पूरे प्रदेश में इस नियम को लेकर लोगों में चर्चा है। यद्यपि कुछ लोगों के लिए यह एक अतिरिक्त प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन अधिकांश जनता इसे पर्यावरण के हित में एक सराहनीय कदम मान रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समय पर गाड़ियों की सर्विस और प्रदूषण जांच न कराने से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि गाड़ी की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ता है। इस सख्ती के बाद अब वाहन मालिक अनिवार्य रूप से अपनी गाड़ियों की जांच करवाएंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आना निश्चित है।

वाहन चालकों के लिए आवश्यक सलाह

प्रशासन ने सभी वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे 1 जुलाई की समय-सीमा का इंतजार न करें और उससे पहले ही अपनी गाड़ियों का पीयूसी सर्टिफिकेट अपडेट करवा लें। इसके लिए अपने निकटतम अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर जाएं। यह सर्टिफिकेट बनवाना न केवल एक कानूनी बाध्यता है, बल्कि यह आपकी गाड़ी को दुरुस्त रखने का एक बेहतर माध्यम भी है। यदि आप समय रहते अपने दस्तावेज तैयार रखते हैं, तो आपको ईंधन भरवाने में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।

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