Haryana News: देश की पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्ति की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने हरियाणा कैडर के 1993 बैच के अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी आईपीएस (IPS) अधिकारी आलोक मित्तल को ‘ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट’ (BPR&D) का नया महानिदेशक (DG) नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय ने इस शीर्ष पद पर उनकी आधिकारिक नियुक्ति की पुष्टि कर दी है। आलोक मित्तल देश के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं जिनके पास राज्य पुलिसिंग से लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों में काम करने का एक लंबा और बेदाग रिकॉर्ड रहा है।
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क्या है BPR&D और क्यों महत्वपूर्ण है महानिदेशक का पद?
ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) भारत सरकार के गृह मंत्रालय के प्रत्यक्ष नियंत्रण में काम करने वाली एक शीर्ष (Apex) संस्था है।
प्रमुख कार्य: यह ब्यूरो देश के सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के आधुनिकीकरण, अनुसंधान, तकनीकी विकास, पुलिस प्रशिक्षण और जेल सुधार व्यवस्था की सर्वोच्च संस्था है।
केंद्रीय सेतु: DG BPR&D का पद प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और नीतिगत माना जाता है। यह पद केंद्र और राज्य सरकारों के बीच पुलिसिंग की नई नीतियों, आधुनिक हथियारों, फोरेंसिक तकनीकों और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए एक मुख्य सेतु के रूप में कार्य करता है।
आलोक मित्तल का समृद्ध करियर और अभूतपूर्व अनुभव
आईपीएस आलोक मित्तल का पुलिस सेवा का करियर बेहद समृद्ध और विविध अनुभवों से भरा रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था से लेकर भ्रष्टाचार विरोधी विंग और केंद्रीय खुफिया व जांच एजेंसियों में कई चुनौतीपूर्ण पदों का नेतृत्व किया है:
हरियाणा में शीर्ष पदों पर सेवाएं: वे हरियाणा के महानिदेशक जेल (DG Prisons), एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक, सीआईडी (CID) के एडीजीपी और कानून व्यवस्था (Law & Order) जैसे सबसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी कार्यकुशलता साबित कर चुके हैं। इसके अलावा वे हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी भी रहे हैं।
केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति: उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में आर्थिक अपराध और साइबर क्राइम विंग के एसपी के रूप में कई बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर रहते हुए देश की सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील आतंकी मामलों की जांच का सफल नेतृत्व किया।
सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान: उनकी विशिष्ट और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2009 में ‘पुलिस पदक’ और वर्ष 2016 में देश के सर्वोच्च ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ (PPMDS) से सम्मानित किया जा चुका है।
स्मार्ट पुलिसिंग और नई तकनीकों पर रहेगा मुख्य फोकस
BPR&D के नए मुखिया के रूप में आलोक मित्तल के कंधों पर अब पूरे देश की पुलिस व्यवस्था के कायाकल्प की जिम्मेदारी होगी। उनके कार्यकाल में गृह मंत्रालय की प्राथमिकताएं निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित रहेंगी।
तकनीकी समावेशन: देश भर के पुलिस बलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर फोरेंसिक, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
प्रशिक्षण और जेल सुधार: जमीनी स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत करना तथा देश की जेलों में सुधारात्मक प्रशासनिक व्यवस्था को लागू करना।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि आलोक मित्तल के जमीनी और व्यावहारिक अनुभवों का लाभ सीधे तौर पर देश की आंतरिक सुरक्षा और गृह मंत्रालय की पुलिस सुधार योजनाओं को नई गति देने में मिलेगा।










