Haryana News: हरियाणा की शिक्षा रैंकिंग कौन सी? PGI रिपोर्ट में खुली पोल

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी PGI रिपोर्ट ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य की रैंकिंग में गिरावट दर्ज हुई है और पढ़ाई की गुणवत्ता कमजोर बताई गई है। आखिर किन कारणों से हरियाणा पिछड़ा और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, जानिए पूरी रिपोर्ट विस्तार से।

हरियाणा की शिक्षा रैंकिंग कौन सी?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 25, 2026

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Haryana News: हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी हुई नई रिपोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 रिपोर्ट 2024-2025 में राज्य का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में कमजोर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग गिर गई है और अब राज्य देश में 14वें स्थान पर पहुंच गया है।

आपको बता दें कि, पिछले साल हरियाणा आठवें स्थान पर था, लेकिन इस बार अंक कम होने के कारण उसकी स्थिति कमजोर हुई है। रिपोर्ट से यह संकेत मिला है कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है।

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कुल अंकों में आई गिरावट

PGI रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023-24 में हरियाणा को कुल 591.4 अंक मिले थे। वहीं 2024-25 में यह स्कोर घटकर 587.1 रह गया। यानी राज्य को 4.3 अंकों की गिरावट का सामना करना पड़ा। अंकों में कमी आने के कारण हरियाणा को इस बार ‘प्रचेष्टा-3’ ग्रेड में रखा गया है। यह ग्रेड उन राज्यों को दिया जाता है जिनके अंक 581 से 640 के बीच होते हैं।

सीखने की गुणवत्ता बनी सबसे बड़ी चुनौती

सीखने की गुणवत्ता बनी सबसे बड़ी चुनौती
सीखने की गुणवत्ता बनी सबसे बड़ी चुनौती

रिपोर्ट में सबसे कमजोर प्रदर्शन छात्रों की पढ़ाई और सीखने की गुणवत्ता के क्षेत्र में सामने आया है। लर्निंग आउटकम और क्वालिटी श्रेणी में हरियाणा को 240 में से केवल 79.9 अंक मिले। इसका मतलब है कि छात्रों को तय स्तर का ज्ञान और कौशल देने में राज्य पिछड़ रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षण पद्धति को मजबूत बनाने और छात्रों की बुनियादी समझ पर अधिक काम करने की जरूरत है।

प्रशासनिक व्यवस्था में भी कमजोरी

शिक्षा व्यवस्था के संचालन यानी गवर्नेंस प्रोसेस में भी हरियाणा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। इस श्रेणी में राज्य को 130 में से केवल 47.1 अंक मिले। वहीं शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में राज्य को 100 में से 68.7 अंक प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।

कुछ क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन

हालांकि रिपोर्ट में हरियाणा के कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं। स्कूलों तक पहुंच, छात्रों के नामांकन और उन्हें पढ़ाई से जोड़े रखने के मामले में राज्य का प्रदर्शन अच्छा रहा। एक्सेस श्रेणी में हरियाणा को 80 में से 66.3 अंक मिले, जिसके लिए उसे ‘उत्तम-1’ ग्रेड प्रदान किया गया।

इसके अलावा सामाजिक समानता और समावेशी शिक्षा यानी इक्विटी के क्षेत्र में हरियाणा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में राज्य को 260 में से 226.2 अंक प्राप्त हुए। इससे यह संकेत मिलता है कि विभिन्न वर्गों के छात्रों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास सफल रहे हैं।

कैसे तय होती है रैंकिंग

PGI रिपोर्ट में राज्यों को सीधे रैंक नहीं दी जाती, बल्कि अंकों के आधार पर अलग-अलग ग्रेड में रखा जाता है। 1000 अंकों के पैमाने पर 941 से 1000 अंक पाने वाले राज्यों को उत्कर्ष ग्रेड मिलता है। इसके बाद उत्तम और प्रचेष्टा जैसी श्रेणियां निर्धारित की जाती हैं। हरियाणा को इस बार 587.1 अंक मिले हैं, इसलिए राज्य को प्रचेष्टा-3 ग्रेड में शामिल किया गया है।

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