Haryana News: पेंशन गणना में जुड़ेगी कांट्रैक्ट सेवा, रोडवेज कर्मियों को मिली बड़ी जीत

हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के लिए बड़ा कानूनी फैसला आया है, जिसमें कोर्ट ने कांट्रैक्ट सेवा को पेंशन गणना में शामिल करने का आदेश दिया है। इस निर्णय से रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है और सरकार पर भारी वित्तीय बोझ बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

पेंशन गणना में जुड़ेगी कांट्रैक्ट सेवा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 21, 2026

Haryana News: हरियाणा रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। अम्बाला डिपो से रिटायर हुए पांच कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमित नियुक्ति से पहले कर्मचारियों द्वारा की गई अस्थायी या अनुबंध आधारित सेवा को भी पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गणना में शामिल किया जाना चाहिए। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जिनकी शुरुआती सेवा अवधि को विभाग द्वारा पेंशन संबंधी लाभों में शामिल नहीं किया गया था।

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पेंशन और ग्रेच्युटी लाभों के लिए गिनी जाएगी पूरी सेवा

आपको बता दें कि, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आदेश जारी किया कि कर्मचारियों की नियमितीकरण से पहले की गई सेवा को भी ‘क्वालिफाइंग सर्विस’ के रूप में माना जाए। इसका सीधा लाभ कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी तथा अन्य सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों की राशि में बढ़ोतरी के रूप में मिलेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी कर्मचारी द्वारा विभाग में लगातार की गई सेवा को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि वह प्रारंभिक अवधि में अस्थायी या अनुबंध आधार पर कार्यरत था।

विभाग को 90 दिनों में भुगतान करने का आदेश

अदालत ने हरियाणा रोडवेज विभाग को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों के सभी बकाया लाभों की पुनर्गणना की जाए और उन्हें निर्धारित राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि सेवानिवृत्ति की तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान की तिथि तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से राशि का भुगतान किया जाए। कोर्ट ने विभाग को यह प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकार समय पर प्राप्त हो सकें।

पांच कर्मचारियों ने दायर की थी याचिका

यह मामला नारायणगढ़ सब डिपो से सेवानिवृत्त हुए पांच कर्मचारियों द्वारा उठाया गया था। इनमें पूर्व सब-इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार, इंस्पेक्टर गुलजारी लाल, कंडक्टर रामशरण, ड्राइवर हरभजन सिंह और ड्राइवर पप्पू शामिल हैं। इन कर्मचारियों ने अम्बाला रोडवेज के महाप्रबंधक और विभागीय निदेशक के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने चयन प्रक्रिया के माध्यम से वर्ष 1993 में रोडवेज विभाग में नौकरी शुरू की थी, लेकिन प्रारंभिक दो वर्षों तक उन्हें अस्थायी या अनुबंध आधार पर रखा गया। बाद में वर्ष 1995 में उनकी सेवाओं को नियमित कर दिया गया।

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प्रारंभिक सेवा अवधि को नहीं जोड़ा गया था रिकॉर्ड में

कर्मचारियों ने अदालत को बताया कि सेवानिवृत्ति के समय विभाग ने उनकी सेवा अवधि की गणना केवल नियमित नियुक्ति की तारीख से की। वर्ष 1993 से 1995 तक की अस्थायी सेवा को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया, जिसके कारण उनकी पेंशन और अन्य लाभों की राशि प्रभावित हुई। अदालत ने इस स्थिति को अनुचित मानते हुए कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया और विभाग को पूरी सेवा अवधि को मान्यता देने के निर्देश जारी किए। इस फैसले को हरियाणा रोडवेज के अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।