Haryana News: हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन और मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (MRTS) को एक अभूतपूर्व और आधुनिक गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। आने वाले कुछ वर्षों में यात्रियों को बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार परियोजना की अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अब केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पास भेज दी गई है।
यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में वीरवार को आयोजित हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (HMRTC) की उच्चस्तरीय बोर्ड बैठक के दौरान साझा की गई, जिसमें राज्य के परिवहन ढांचे को सुधारने से जुड़ी कई अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
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गुरुग्राम रैपिड मेट्रो की आय और यात्रियों की संख्या में शानदार उछाल

बैठक के दौरान एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के प्रदर्शन के आंकड़े पेश किए, जो बेहद उत्साहजनक रहे हैं। चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से अगस्त के बीच के 5 महीनों में गुरुग्राम रैपिड मेट्रो में कुल 88.81 लाख यात्रियों ने सुरक्षित सफर किया। पिछले वर्ष इसी समान अवधि में यह आंकड़ा 79.57 लाख था, यानी यात्रियों की संख्या में सीधे तौर पर 11.62 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही वित्तीय लाभ में भी इजाफा हुआ है। समीक्षा अवधि के दौरान परिचालन से होने वाली आय बढ़कर 18.60 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 16.66 करोड़ रुपये थी (11.64 प्रतिशत की वृद्धि)। इसके अलावा, स्टेशनों पर विज्ञापन और लाइसेंस वाले स्थानों से मिलने वाले गैर-किराया राजस्व में भी पिछले वर्ष की तुलना में 64.34 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर और अन्य बड़ी परियोजनाएं

राज्य में आरआरटीएस (RRTS) यानी नमो भारत कॉरिडोर परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है, जो एनसीआर के शहरों को आपस में जोड़ने का काम करेंगी।
प्रस्तावित 136.30 किलोमीटर लंबा दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर देश की सबसे प्रमुख रेल परियोजनाओं में से एक है, जिसकी अनुमानित लागत 33,51 करोड़ रुपये है। इस अत्याधुनिक कॉरिडोर पर कुल 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जबकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 4 अतिरिक्त स्टेशन बनाने का भी प्रावधान रखा गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा के औद्योगिक और वाणिज्यिक हब पानीपत व करनाल से जोड़ेगा।
इसके अलावा, गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर का प्रस्ताव भी वर्तमान में तेजी से विचाराधीन है। इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रमुख रोजगार और आवासीय केंद्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है। गुरुग्राम और फरीदाबाद क्षेत्र में इस रूट के एलाइनमेंट तथा स्टेशनों को राज्य स्तर पर अंतिम रूप दिया जा चुका है।
गुरुग्राम से पंचगांव तक मेट्रो कॉरिडोर परियोजना भी अंतिम चरण में

राज्य सरकार केवल बड़े शहरों तक ही नहीं, बल्कि उप-शहरी क्षेत्रों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में यह भी बताया गया कि सेक्टर-56 गुरुग्राम से पंचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर परियोजना अब मंजूरी के अंतिम चरण में है।
इस 35.25 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर पर कुल 28 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम और पंचगांव के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलना है। खास बात यह है कि पंचगांव में यह मेट्रो कॉरिडोर नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट का बेहतरीन लाभ मिलेगा। सरकार के इन दूरदर्शी फैसलों से साफ है कि आने वाले समय में हरियाणा का ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर देश के सबसे आधुनिक नेटवर्क्स में शामिल हो जाएगा।
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