Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को नशे के दलदल से पूरी तरह दूर रखने और उन्हें एक स्वस्थ व ऊर्जावान जीवनशैली अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का यह स्पष्ट विजन है कि राज्य की युवा शक्ति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे। इसी दूरदर्शी सोच के तहत प्रदेश में चलाए जा रहे ‘ड्रग-मुक्त हरियाणा’ अभियान को अब और अधिक व्यापक और धारदार रूप दिया जा रहा है।
इस अभियान के दायरे को बढ़ाते हुए अब सरकार ने उन तमाम फिटनेस और हेल्थ सप्लीमेंट्स की गुणवत्ता पर भी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है, जिनका उपयोग युवा जिम, खेल और फिटनेस के नाम पर अपनी ऊर्जा बढ़ाने के लिए धड़ल्ले से कर रहे हैं। बाजार में इन उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया था कि युवाओं तक कोई भी मिलावटी या हानिकारक उत्पाद न पहुंचे।
5 अक्टूबर को प्रदेशभर में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी और निरीक्षण

इसी उद्देश्य को प्राथमिकता देते हुए हरियाणा सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मिलकर आगामी रणनीतियों पर तेजी से काम शुरू किया है। इसी कड़ी में बीते 5 अक्टूबर को पूरे हरियाणा में एक विशेष और व्यापक अभियान चलाया गया। इस राज्यव्यापी अभियान के तहत प्रशासनिक टीमों ने अलग-अलग जिलों में स्थित कुल 61 प्रतिष्ठानों (दुकानों, गोदामों और सप्लीमेंट स्टोर) की सघन जांच की।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर यह परखा कि बाजार में बेचे जा रहे उत्पाद निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। इस औचक निरीक्षण का मुख्य मकसद युवाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध या घटिया कारोबार पर लगाम कसना था।
प्रोटीन पाउडर और एनर्जी ड्रिंक्स के 73 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों की कड़ाई से जांच करते हुए अधिकारियों ने विभिन्न लोकप्रिय ब्रांड्स के उत्पादों के नमूने एकत्र किए। इस विशेष छापेमारी के दौरान जिम जाने वाले युवाओं द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोटीन पाउडर, विभिन्न न्यूट्रास्युटिकल्स (Nuttaceuticals) और एनर्जी ड्रिंक्स के कुल 73 संदिग्ध और प्रमुख सैंपल मौके पर ही जब्त किए गए।
इन सभी 73 नमूनों को मुस्तैदी के साथ आगे की विस्तृत जांच और रासायनिक विश्लेषण के लिए सरकारी प्रयोगशालाओं (लैब) में भेज दिया गया है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद यदि इन उत्पादों में किसी भी प्रकार की हानिकारक मिलावट या मानक के विपरीत तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्मों और विक्रेताओं के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सरकार का कड़ा संदेश

हरियाणा सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि फिटनेस के नाम पर युवाओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘ड्रग-मुक्त हरियाणा’ का यह अभियान केवल मादक पदार्थों की तस्करी या नशे की लत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन तमाम छिपे हुए खतरों से भी युवाओं की रक्षा करने के लिए है जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
प्रशासन द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम से मिलावटखोरों और अवैध रूप से हानिकारक सप्लीमेंट्स बेचने वालों में हड़कंप मच गया है। सरकार की यह पहल न केवल युवाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगी, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित, स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करेगी। हरियाणा सरकार का यह अभियान आने वाले समय में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा, ताकि प्रदेश का युवा हर मोर्चे पर सुरक्षित और सशक्त बन सके।
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