Haryana News: हरियाणा के भिवानी जिले के बहल थाना क्षेत्र में हुए चर्चित प्रदीप हत्याकांड ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उच्चाधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है। बहल थाना के तत्कालीन एसएचओ, मामले के जांच अधिकारी और एक महिला मुंशी को जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष न्याय की गुहार लगाने और लापरवाही के ठोस सबूत पेश करने के बाद की गई है।
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हत्या के पीछे की साजिश और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, प्रदीप की हत्या आपसी रंजिश के कारण की गई थी। सिवानी के डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक के सख्त हस्तक्षेप और निर्देश के बाद इस हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी सहित कुल सात संदिग्धों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। वर्तमान में पुलिस पूरे मामले की विभागीय जांच (Departmental Inquiry) कर रही है ताकि घटना के हर पहलू और इसमें शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका को स्पष्ट किया जा सके।
परिजनों के गंभीर आरोप
बुधवार को मृतक प्रदीप की बहनें, प्रमिला और नीशा, अपने परिवार के साथ लघु सचिवालय पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने मामले की जांच कर रहे पुलिसकर्मियों पर गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने घटना से पूर्व ही पुलिस को किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए महत्वपूर्ण जानकारी और सीसीटीवी फुटेज मुहैया करा दिए थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। पीड़ितों का आरोप है कि जांच में जानबूझकर ढिलाई बरती गई। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि जांच अधिकारी उसी गांव का निवासी था, जहां के आरोपी थे। परिजनों के अनुसार, इस अधिकारी ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय आरोपियों के पक्ष में माहौल बनाया, उन पर अनुचित दबाव डाला और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
इसके अलावा, मृतक की बहनों ने महिला मुंशी पर कार्रवाई को आगे बढ़ाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तत्कालीन एसएचओ ने भी उनकी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हुए और अंततः उनके इकलौते भाई की सुनियोजित साजिश के तहत हत्या कर दी गई।
प्रशासनिक सख्ती और आगे की राह
प्रदीप की बहनों ने व्यथित होकर कहा कि वे दो बहनों का इकलौता भाई था, जिसकी हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की थी कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसी मांग के मद्देनजर एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
यह घटना पुलिस प्रशासन में व्याप्त लापरवाही और भ्रष्टाचार के प्रति कड़ा संदेश है। डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कठोर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। पीड़ित परिवार अब उम्मीद कर रहा है कि अब मामले की जांच निष्पक्ष होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
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