Haryana News: देश की बिजली वितरण प्रणाली को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए केंद्र सरकार सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में ऊर्जा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली क्षेत्र के भविष्य, प्रस्तावित नीतिगत बदलावों और वितरण व्यवस्था में सुधारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य प्रारूप बिजली (संशोधन) विधेयक-2025, प्रारूप राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 और बिजली वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित सुधारों पर सांसदों के सुझाव प्राप्त करना था। विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने बिजली क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे और सुधारों को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
Supreme Court: कोर्ट क्लिप वायरल करने पर SC सख्त, बोला- अदालत मनोरंजन का मंच नहीं
बेहतर सेवा और विश्वसनीय आपूर्ति पर सरकार का जोर
ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल हर घर तक बिजली पहुंचाना नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को भरोसेमंद, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी बिजली सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि बदलते समय और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बिजली वितरण प्रणाली में सुधार करना जरूरी हो गया है।
सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति, पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था, बेहतर सेवा गुणवत्ता और शिकायतों के त्वरित समाधान जैसी सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए वितरण क्षेत्र में तकनीकी सुधारों और प्रशासनिक बदलावों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
एक नेटवर्क पर कई कंपनियों को सेवा देने का प्रस्ताव
बैठक में सबसे अधिक चर्चा बिजली वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित “साझा नेटवर्क, बहु-लाइसेंसी” मॉडल को लेकर हुई। इस व्यवस्था के अंतर्गत बिजली वितरण के लिए पहले से मौजूद नेटवर्क का उपयोग कई लाइसेंसधारी कंपनियां कर सकेंगी। यानी एक ही क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बिजली सेवा देने के लिए एक से अधिक कंपनियां उपलब्ध हो सकती हैं। इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य बिजली वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार सेवा प्रदाता चुनने का अवसर देना है। माना जा रहा है कि अधिक कंपनियों के आने से सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा और बिजली वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अधिक प्रयास करेंगी।
प्रतिस्पर्धा से बढ़ेगी जवाबदेही और तकनीकी विकास
सरकार का मानना है कि प्रतिस्पर्धी माहौल बनने से बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझेंगी। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज हो सकती है और डिजिटल तकनीकों, स्मार्ट मीटरिंग तथा आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा, कंपनियों के बीच बेहतर सेवाएं देने की प्रतिस्पर्धा से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलने से वितरण कंपनियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
उपभोक्ता केंद्रित बिजली व्यवस्था बनाने की पहल
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना है। सरकार ऐसी बिजली व्यवस्था विकसित करना चाहती है जो अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आधुनिक हो। बिजली वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित बदलावों से आने वाले समय में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि बिजली क्षेत्र को अधिक सक्षम बनाया जाए और उपभोक्ताओं को विश्वसनीय तथा सुविधाजनक बिजली सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।










