Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 10 लाख तक के बिल पास करने का मिला अधिकार

हरियाणा सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक चुस्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 21, 2026

Haryana News: हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत, उत्तरदायी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों (Civil Surgeons) की वित्तीय शक्तियों (Financial Powers) में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करने का निर्देश जारी किया है। सरकार के नए आदेशों के तहत अब जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी सिविल सर्जन महज 1 लाख रुपये की बजाय सीधे 10 लाख रुपये तक के प्रशासनिक और वित्तीय बिल अपने स्तर पर पास कर सकेंगे। इस बड़े प्रशासनिक सुधार का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर फाइलों के उलझने और वित्तीय बाधाओं को पूरी तरह दूर करना है, ताकि सरकारी अस्पतालों में आने वाले आम मरीजों को समय पर आधुनिक इलाज और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

Haryana News: रोहतक में मार्केट आग हादसा, दमकल की 5 गाड़ियां मौके पर तैनात

मुख्यालय के चक्करों से मिलेगी मुक्ति

अब तक की व्यवस्था के अनुसार, जिलों के सिविल सर्जनों के पास केवल 1 लाख रुपये तक के खर्चों या बिलों को मंजूरी देने का ही सीमित अधिकार था। ऐसे में यदि जिला अस्पतालों में किसी बड़ी और जीवन रक्षक मशीन (जैसे एक्स-रे, सीटी स्कैन, या वेंटिलेटर) की मरम्मत करानी हो, नए चिकित्सा उपकरणों की तात्कालिक खरीद करनी हो या अस्पताल परिसर में कोई आकस्मिक व्यवस्था करनी हो, तो बजट 1 लाख से ऊपर जाते ही फाइल मंजूरी के लिए चंडीगढ़ स्थित महानिदेशालय और मुख्यालय भेजी जाती थी। इस लंबी और सुस्त कागजी प्रक्रिया में हफ्तों और महीनों का समय बर्बाद होता था, जिससे अस्पतालों की दैनिक व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित होती थीं। अब वित्तीय सीमा सीधे 10 गुना बढ़ाकर 10 लाख रुपये होने से स्थानीय स्तर पर ही फैसले तत्काल और मौके पर लिए जा सकेंगे।

अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर जोर

राज्य सरकार इस समय प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों की सूरत बदलने, उनका ढांचा सुधारने और उन्हें कॉर्पोरेट अस्पतालों की तरह हाई-टेक बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। सिविल सर्जनों के अधिकार बढ़ने से इस आधुनिकीकरण अभियान को और रफ्तार मिलेगी। इसी कड़ी में सरकार ने जिला स्तर पर महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर (Breast Cancer) के खतरे को देखते हुए अब सभी जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीनें (Mammography Machines) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे समय रहते कैंसर के लक्षणों की पहचान कर महिलाओं की जान बचाई जा सके।

मशीनों का रख-रखाव और दवाओं की खरीद होगी आसान

इस क्रांतिकारी प्रशासनिक सुधार का सीधा और सकारात्मक लाभ हरियाणा की आम जनता को मिलने जा रहा है। अस्पतालों की स्थानीय कमियों, भवनों के मरम्मत कार्यों, आकस्मिक सफ़ाई व्यवस्था और आवश्यक दवाओं व सर्जिकल उपकरणों की तात्कालिक शॉर्टेज को अब सिविल सर्जन बिना किसी विभागीय देरी के अपने स्तर पर फंड जारी कर निपटा सकेंगे। अक्सर देखा जाता था कि सरकारी अस्पतालों में बजट के अभाव में मशीनें महीनों तक खराब पड़ी रहती थीं और गरीब मरीजों को मजबूरन महंगे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर्स का रुख करना पड़ता था। अब ऐसी नौबत नहीं आएगी, क्योंकि सिविल सर्जन तुरंत स्थानीय वेंडर को 10 लाख रुपये तक का भुगतान कर मशीनों को चालू करवा सकेंगे। इससे सरकारी चिकित्सा तंत्र पर आम जनता का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।

Haryana News: पेंशन गणना में जुड़ेगी कांट्रैक्ट सेवा, रोडवेज कर्मियों को मिली बड़ी जीत