Haryana News: हरियाणा में अवैध खनन और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार का सख्त रवैया जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव मुगलपुरा में चल रहे मिट्टी खनन कार्य पर सीएम फ्लाइंग (CM Flying Team) ने एक बड़ी छापेमारी की। खनन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर की गई इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। यह रेड गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें पता चला था कि एक प्राचीन धरोहर (पुरातत्व स्थल) के नजदीक नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी उठान का काम किया जा रहा है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना ने किया। उनके साथ टीम में खनन विभाग के खनन रक्षक संदीप कुमार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की प्रतिनिधि पूजा, पटवारी सुनीता, एएसआई सुरेंद्र और हेड कांस्टेबल जितेंद्र सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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पोकलेन मशीन और डंपर रंगे हाथों पकड़े गए
सीएम फ्लाइंग टीम को पुख्ता जानकारी मिली थी कि मुगलपुरा गांव के खेतों में नियमों का उल्लंघन करके अवैध रूप से मिट्टी खोदी जा रही है। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने मौके पर औचक निरीक्षण किया। छापेमारी के दौरान वहां एक पोकलेन मशीन धड़ल्ले से खेतों से मिट्टी खोदकर सीधे डंपरों में लोड कर रही थी।
अधिकारियों ने जब मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और जमीन के दस्तावेजों की जांच की, तो पता चला कि यह जमीन निजी स्वामित्व (Private Property) की है। इस जमीन के मालिक बलजीत ने खनन विभाग से मिट्टी उठाने की आधिकारिक अनुमति (Permit) ले रखी थी।
अनुमति से अधिक खुदाई
दस्तावेज होने के बावजूद जब खनन विभाग के अधिकारियों ने परमिट पत्र, उपलब्ध रिकॉर्ड और मौके का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि विभाग द्वारा जमीन मालिक को जितनी मात्रा (Volume) में मिट्टी उठाने की मंजूरी दी गई थी, मौके पर उससे कहीं अधिक मात्रा में मिट्टी का खनन किया जा चुका था। अधिकारियों के मुताबिक, अनुमति से अधिक प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करना खनन नियमों का सीधा उल्लंघन है। अब टीम रिकॉर्ड और मौके की पैमाइश का मिलान कर रही है। इसके बाद जितनी भी अतिरिक्त मिट्टी उठाई गई होगी, उसके आधार पर संबंधित व्यक्ति पर भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुरातत्व विभाग की भूमि को खतरा
इस मामले में एक और संवेदनशील पहलू सामने आया है। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जिस जगह पर यह अत्यधिक खनन किया जा रहा था, उसके बिल्कुल नजदीक ही पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग (Archaeology Department) की संरक्षित भूमि स्थित है। प्राचीन धरोहर के पास इस तरह की भारी खुदाई से ऐतिहासिक साक्ष्यों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इस गंभीरता को देखते हुए सीएम फ्लाइंग ने तुरंत इसकी सूचना पुरातत्व विभाग को दे दी है, ताकि वे भी अपने स्तर पर जमीन का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कदम उठा सकें।
सरकार की चेतावनी
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार के नियमों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपनी खुद की निजी भूमि से भी मिट्टी हटाना चाहता है, तो उसे खनन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए परमिट लेना जरूरी है। अनुमति मिलने के बाद भी केवल स्वीकृत सीमा के भीतर ही काम किया जा सकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने से बचने के लिए हमेशा सरकारी नियमों, शर्तों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है और अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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