Haryana News: हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्थित नवनिर्मित और बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली ‘हाईटेक’ जिला जेल इन दिनों विवादों के केंद्र में है। इस जेल से कैदियों के फरार होने के गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जेल सुपरिंटेंडेंट सुरेंद्र दलाल को निलंबित कर दिया है। उन पर अपनी ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने और प्रशासनिक चूक के आरोप लगाए गए हैं।
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क्या था पूरा मामला?
यह घटना इसी साल मार्च के महीने की है। सूत्रों के अनुसार, 28 मार्च 2026 को रेवाड़ी की इस आधुनिक जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए दो कैदी जेल की करीब 25 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार होने में कामयाब हो गए थे। यह घटना सुरक्षा तंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा कर गई थी। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते बाद में इन दोनों कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन जेल के भीतर सुरक्षा में हुई इस भारी चूक ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए।
घटना के समय जेल सुपरिंटेंडेंट सुरेंद्र दलाल छुट्टी पर थे। इसके बावजूद, जेल महानिदेशक (DG जेल) ने इसे ड्यूटी में कोताही और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का अभाव मानते हुए उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे।
सात कर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड
कैदियों के भागने की घटना सामने आते ही जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी थी। विभागीय जांच के आधार पर जेल के पांच हेड वार्डर और दो वार्डर सहित कुल सात जेल कर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। उस समय भी यह संकेत मिले थे कि जेल प्रशासन की सर्वोच्च कमान संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाएगी। आखिरकार, लंबी जांच प्रक्रिया के बाद अब सुपरिंटेंडेंट सुरेंद्र दलाल के खिलाफ निलंबन की कड़ी कार्रवाई की गई है।
जेल में नई नियुक्तियां और भविष्य की चुनौतियां
रेवाड़ी की इस नवनिर्मित जेल को पूरे प्रदेश की सबसे हाईटेक और सुरक्षित जेलों में गिना जाता है। ऐसे में इस तरह की सुरक्षा चूक ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इस घटना के बाद अब व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रेशम सिंह को रेवाड़ी जेल का नया सुपरिंटेंडेंट नियुक्त किया गया है। रेशम सिंह ने अपना कार्यभार संभाल लिया है और उनके सामने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूती प्रदान करने की बड़ी चुनौती है।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भले ही जेलों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाए, लेकिन मानवीय सतर्कता और कर्तव्यपरायणता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी दीवार होती है। फिलहाल, प्रशासन इस मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी चूक को पूरी तरह से रोका जा सके।
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