Haryana News: हरियाणा सरकार ने नियमों की अनदेखी करने और बिना वैध मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे निजी स्कूलों (Private Schools) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कड़े निर्देशों के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर के 1107 निजी स्कूलों को मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (MIS) पोर्टल पर तत्काल प्रभाव से ब्लॉक (प्रतिबंधित) कर दिया है।
पोर्टल ब्लॉक होने का सीधा मतलब यह है कि ये स्कूल अब अपने यहां किसी भी नए विद्यार्थी का दाखिला (Admission) नहीं कर पाएंगे। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों के लिए भी चेतावनी जारी की है कि वे अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए इन प्रतिबंधित स्कूलों में एडमिशन कराने से बचें।
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क्यों की गई इतनी बड़ी कार्रवाई?
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह सख्त कदम उन निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ उठाया गया है जो लंबे समय से मान्यता संबंधी अनिवार्य नियमों और निर्धारित सरकारी मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।
अगले चरण की तैयारी: आगामी दिनों में शिक्षा विभाग की विशेष टीमें इन सभी 1107 स्कूलों का जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगी। यदि जांच में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे या दस्तावेजों को लेकर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, तो इन स्कूलों की मान्यता हमेशा के लिए रद्द कर दी जाएगी और इन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कार्रवाई के दायरे में आने वाले स्कूलों की 3 श्रेणियां
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल 1107 स्कूलों को तीन अलग-अलग गंभीर कमियों के आधार पर कार्रवाई के दायरे में लाया गया है:
अंतिम मान्यता से वंचित स्कूल (693 संस्थान): इस श्रेणी में सबसे ज्यादा 693 स्कूल शामिल हैं, जिनकी अंतिम मान्यता (Final Recognition) सरकारी नियमों के तहत स्वीकृत नहीं हो सकी थी।
खारिज आवेदन वाले स्कूल (269 संस्थान): राज्य के 269 स्कूल ऐसे हैं, जिनके द्वारा मान्यता के लिए दिए गए आवेदनों को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) ने जांच के बाद पूरी तरह खारिज कर दिया था।
अस्थायी विस्तार न मिलने वाले स्कूल (145 संस्थान): इस सूची में 145 स्कूल ऐसे पाए गए, जिन्हें सरकार की तरफ से अस्थायी मान्यता विस्तार (Provisional Extension) नहीं मिला था, इसके बावजूद वे अवैध रूप से स्कूल का संचालन कर रहे थे।
जिलावार आंकड़े
इस प्रशासनिक कार्रवाई की गाज हरियाणा के सभी जिलों में गिरी है, लेकिन कुछ जिलों में नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की संख्या बहुत ज्यादा है।
जिलों की विस्तृत सूची
शीर्ष 3 प्रभावित जिले: इस कार्रवाई में कैथल जिला सबसे ऊपर है, जहां रिकॉर्ड 162 निजी स्कूलों को ब्लॉक किया गया है। इसके बाद साइबर सिटी गुरुग्राम में 99 और हिसार में 98 स्कूलों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अन्य प्रमुख जिले: पानीपत में 92, भिवानी में 76, फरीदाबाद में 70, जींद में 67, रोहतक में 63, अंबाला में 57 और यमुनानगर में 51 स्कूल बंद करने के आदेश हैं।
कम प्रभाव वाले जिले: इसके अलावा सोनीपत (45), महेंद्रगढ़ (33), सिरसा (30), झज्जर (28), चरखी दादरी (24), पलवल (23), कुरुक्षेत्र (22), करनाल (20), रेवाड़ी (16), नूंह (15), पंचकूला (13) और सबसे कम फतेहाबाद में 10 स्कूलों पर विभाग का डंडा चला है।
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्राइवेट स्कूल में फीस जमा करने या दाखिला दिलाने से पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्कूल की वैधता और एमआईएस (MIS) स्टेटस जरूर जांच लें।
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