Haryana News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेते हुए योगाभ्यास भी किया और लोगों को योग के महत्व के बारे में संदेश दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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किसानों के हित में काम कर रही सरकार
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य किसानों को मजबूत बनाना और खेती को लाभदायक बनाना है। मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने कई व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई इस योजना के माध्यम से की जाती है।
बारिश को बताया फसलों के लिए लाभकारी
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने एक बार फिर कहा कि बारिश से किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि लाभ होता है। उन्होंने कहा कि पिछली बार बारिश के बाद उन्होंने अनुमान जताया था कि गेहूं की पैदावार प्रति एकड़ लगभग दो क्विंटल बढ़ेगी, और बाद में ऐसा ही हुआ। उनके अनुसार पूरे प्रदेश में गेहूं का उत्पादन बढ़ा और कुल पैदावार में करीब 10 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी खेती करते हैं, इसलिए किसानों की स्थिति और खेती से जुड़ी चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।
डीएपी और यूरिया की उपलब्धता पर आश्वासन
डीएपी और यूरिया खाद की संभावित कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि अब खाद वितरण की व्यवस्था पहले से अधिक व्यवस्थित की गई है। पहले खाद आधार कार्ड के आधार पर दी जाती थी, लेकिन अब यह “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस नई व्यवस्था के बाद किसानों को खाद के लिए कहीं लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि कहीं भी खाद के लिए लाइनें लगती हैं, तो किसान उन्हें जानकारी दें, वे स्वयं खाद भिजवाने की व्यवस्था करवाएंगे।
मुआवजा और बीमा विवादों पर भी बोले मंत्री
बाढ़ के बाद मुआवजा न मिलने से परेशान किसानों द्वारा अदालत का रुख करने के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि कई बार किसान और कई बार बीमा कंपनियां निर्धारित नियमों का सही पालन नहीं करतीं। ऐसी स्थिति में विवाद पैदा होता है और न्याय के लिए मामला अदालत तक पहुंच जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए छोटे से बड़े स्तर तक कमेटियां बनाई गई हैं, जो नियमों के अनुसार समाधान सुनिश्चित करती हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और खाद, बीमा, मुआवजा तथा फसल उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम किया जा रहा है।
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