Haryana News: कलेसर जंगल में 3253 पेड़ कटने का खुलासा, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

हरियाणा के कलेसर जंगल में हजारों खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच रिपोर्ट में 3253 पेड़ों के कटने का खुलासा हुआ, जिसके बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया। आखिर इतने बड़े स्तर पर कटाई कैसे हुई और कौन जिम्मेदार है?

कलेसर जंगल में 3253 पेड़ कटने का खुलासा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 24, 2026

Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर जिले से वन संपदा को नुकसान पहुंचाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कलेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव विहार क्षेत्र में खैर के हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा होने के बाद वन विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। इस मामले में विभाग ने संबंधित क्षेत्र के वन्य जीव निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, हरियाणा द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है। विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है।

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अवैध कटाई की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच

वन विभाग को पिछले कुछ समय से कलेसर क्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। यह जानकारी समाचार पत्रों और अन्य भरोसेमंद स्रोतों के जरिए विभाग तक पहुंची। शिकायतों में दावा किया गया था कि जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटा जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया। मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव), गुरुग्राम की अध्यक्षता में गठित इस समिति को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

जांच समिति ने 4 मई 2026 को अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी। रिपोर्ट में सामने आया कि कलेसर क्षेत्र में करीब 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। यह संख्या वन विभाग के लिए बेहद चिंताजनक मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार इन पेड़ों में 1473 पेड़ों की कटाई हाल ही में की गई थी, जबकि 1780 पुराने कटान के मामले भी सामने आए हैं। इससे यह साफ हुआ कि अवैध कटाई का यह सिलसिला लंबे समय से जारी था।

वन्य जीव निरीक्षक पर गिरी गाज

मामले में लापरवाही और निगरानी में कमी को देखते हुए कलेसर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव विहार के प्रभारी वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम को निलंबित कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई बिना प्रशासनिक लापरवाही के संभव नहीं थी। वन विभाग ने साफ किया है कि जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कारण तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई है।

पर्यावरण पर पड़ सकता है गंभीर असर

विशेषज्ञों के अनुसार खैर के पेड़ पर्यावरण और वन्य जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इन पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई से जंगलों के प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है। साथ ही वन्य जीवों के आवास और जैव विविधता को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कलेसर राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा के प्रमुख वन क्षेत्रों में गिना जाता है और यहां कई दुर्लभ वन्य जीव पाए जाते हैं। ऐसे में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहा है।

दोषियों पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई

वन विभाग अब इस पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, अवैध कटाई रोकने और जंगलों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है। वन विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

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