Haryana News: हरियाणा सरकार ने किसानों और मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए एक जरूरी कदम उठाया है। राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) की 10 सेवाओं को हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित कर दिया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सरकारी सेवाओं का लाभ तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना है, जिससे प्रक्रियाओं में देरी और अनावश्यक परेशानियों को खत्म किया जा सके।
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अब एक दिन में मिलेगा जे-फॉर्म
बताते चलें कि, नई प्रणाली के तहत किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि अब जे-फॉर्म सिर्फ एक कार्यदिवस के अंदर जारी किया जाएगा। यह कदम मंडियों में कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाएगा। जे-फॉर्म समय पर मिलने से किसानों को भुगतान और लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मंडी सेवाओं के लिए तय की गई समय-सीमा
सरकार ने कई अन्य सेवाओं के लिए भी स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है। इसके तहत:
- मंडियों में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई दो दिन के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।
- एनओसी, डुप्लीकेट आवंटन, पुनः आवंटन और कन्वेयन्स डीड जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है।
- कृषि कार्यों के दौरान दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में विसरा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अनुग्रह सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी 30 दिनों में पूरी करनी होगी।
इसके अलावा बेबाकी प्रमाण-पत्र और मॉर्गेज से जुड़ी एनओसी 15 दिनों के भीतर जारी की जाएगी।
संवेदनशील मामलों में 60 दिन की समय सीमा
सरकार ने कुछ विशेष और संवेदनशील मामलों के लिए 60 दिन की समय सीमा निर्धारित की है। इसमें निर्विवाद मृत्यु के मामलों में संपत्ति का पुनः हस्तांतरण और अनुग्रह सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शामिल है। इसका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को समय पर राहत और सहायता सुनिश्चित करना है।
अधिकारी और जवाबदेही प्रणाली तय
नई व्यवस्था के तहत विभिन्न सेवाओं के लिए संबंधित सचिव और कार्यकारी अधिकारी को नामित अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि जिम्मेदारी स्पष्ट रहे और कार्य में तेजी आए। जे-फॉर्म जारी करने की जिम्मेदारी मंडी सुपरवाइजर या सहायक सचिव को सौंपी गई है, जबकि मंडी समितियों में शौचालयों की सफाई की जिम्मेदारी मंडी समिति सचिव की होगी।
देरी पर अपील की व्यवस्था भी लागू
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान नहीं की जाती हैं, तो किसानों और संबंधित व्यक्तियों के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रथम और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, ताकि समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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किसानों के लिए पारदर्शी
इस निर्णय के साथ हरियाणा सरकार ने कृषि विपणन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे किसानों को न केवल तेज सेवाएं मिलेंगी बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी सुधार आएगा।










