
Haryana News: हरियाणा को देश के शीर्ष औद्योगिक और निवेश हब के रूप में स्थापित करने के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विजन को धरातल पर उतारने में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर एवं सचिव के रूप में डॉ. अग्रवाल प्रदेश की निवेश रणनीति, औद्योगिक नीतियों और उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के तहत मुख्यमंत्री सैनी सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश आकर्षित करना, विनिर्माण का विस्तार करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।
Haryana News: हरियाणा में 2 साल के काम गिनाकर विपक्ष पर बरसे CM नायब
5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लागू की गई ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ और 10 सेक्टोरल नीतियों के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति के शुभारंभ पर 1.10 लाख करोड़ रुपये के 123 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि मुंबई रोड शो में 66,821 करोड़ रुपये के 17 समझौतों पर सहमति बनी। डॉ. अग्रवाल और उनकी टीम का मुख्य ध्यान इन कागजी समझौतों को धरातल पर उतारने और परियोजनाओं में समयबद्ध उत्पादन शुरू कराने पर केंद्रित है।
विदेश यात्राएं और वैश्विक निवेश का सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हालिया स्वीडन और सिंगापुर यात्राओं ने राज्य की अंतरराष्ट्रीय निवेश रणनीति को नई मजबूती दी है। प्रमुख औद्योगिक घरानों के साथ बैठकों में लगभग 4,000 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी, जिससे 11,000 से अधिक रोजगार पैदा होंगे। स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्र में लगभग 5,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन विदेशी दौरों के दौरान वैश्विक निवेशकों को अप्रैल 2027 में आयोजित होने वाली ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027’ के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
तकनीक, एमएसएमई और प्रशासनिक दक्षता
हरियाणा की रणनीति केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। सिंगापुर की कंपनियों के सहयोग से पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नई एमएसएमई नीति-2026 के माध्यम से 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश जुटाने और 14 लाख छोटे उद्योगों को लाभ पहुंचाकर प्रदेश के निर्यात को दोगुना करने की योजना है।
मूल रूप से जयपुर के निवासी डॉ. अग्रवाल ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त की, लेकिन चिकित्सा के बजाय सिविल सेवा को चुना। वह यमुनानगर, हिसार, पलवल, रोहतक और फरीदाबाद में उपायुक्त रहने के साथ-साथ मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनका व्यापक अनुभव अब हरियाणा के औद्योगिक लक्ष्यों को धरातल पर साकार करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
Haryana News: हरियाणा में ₹9,500 करोड़ के निवेश पर सहमति, 5 जिलों में बनेंगे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर











