
Haryana News: हरियाणा में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सिंगापुर और स्वीडन के दौरे के दौरान करीब 9,500 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनने की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सिंगापुर की कंपनियों के सहयोग से प्रदेश के पांच जिलों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और तकनीक आधारित कारोबार विकसित करने की योजना है। वहीं, स्वीडन की औद्योगिक कंपनियों के साथ हुई बैठकों के बाद 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
सिंगापुर से ₹5,500 करोड़ के निवेश पर सहमति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुताबिक, सिंगापुर दौरे के दौरान कंपनियों के साथ 5,500 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी। इसके तहत पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और तकनीक आधारित कारोबार के नए केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी ऐसे केंद्र होते हैं, जहां कंपनियां तकनीक, शोध, डेटा, वित्तीय सेवाओं और दूसरे व्यावसायिक कामों से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर सकती हैं। इन केंद्रों के विकास से प्रदेश में तकनीकी क्षेत्र के विस्तार और कुशल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
स्वीडन दौरे से ₹4,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

सीएम सैनी ने बताया कि स्वीडन दौरे के दौरान प्रमुख औद्योगिक कंपनियों के साथ हुई बैठकों में 4,000 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी। सरकार के अनुसार, इससे 11,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों के जरिए हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, निवेश की वास्तविक प्रगति और रोजगार की संख्या परियोजनाओं के लागू होने पर निर्भर करेगी।
अप्रैल में होगी ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2027’
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर और स्वीडन के दौरों के दौरान निवेशकों को अप्रैल में आयोजित होने वाली ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2027’ के लिए आमंत्रित किया गया है। इस समिट के जरिए राज्य में निवेश के नए अवसरों को सामने लाने और उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना है।
पांच साल में ₹5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

हरियाणा सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026’ और 10 सेक्टोरल नीतियां लागू की हैं। सरकार के मुताबिक, इन नीतियों के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनकल्याण, रोजगार, किसान हितों और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। अब इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना, परियोजनाओं की समयसीमा तय करना और रोजगार के अवसरों को वास्तविक नौकरियों में बदलना अहम होगा।











