Haryana News: IMA की चेतावनी से हरियाणा में मचा हड़कंप, आयुष्मान योजना की सेवाएं बंद होने का खतरा

हरियाणा में आयुष्मान भारत और चिरायु योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को दावों के भुगतान में छह महीने से अधिक की लंबी देरी का सामना करना पड़ रहा है

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 28, 2026

Haryana News: हरियाणा में आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार की ओर से मेडिकल क्लेम के भुगतान में हो रही लंबी और लगातार देरी के कारण अस्पतालों की वित्तीय स्थिति चरमरा गई है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कई अस्पताल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हरियाणा इकाई ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को चेतावनी दी है और सेवाएं ठप करने का बड़ा ऐलान किया है।

भुगतान में छह महीने से अधिक की भारी देरी

नियमों के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों द्वारा भेजे गए दावों का भुगतान करने की निर्धारित समय-सीमा मात्र 15 दिन है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है, जहां अस्पतालों को उनके क्लेम के भुगतान के लिए छह महीने से भी अधिक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। IMA हरियाणा की प्रधान डॉ. सुनीला सोनी और सचिव डॉ. योगेश जिंदल ने इस संबंध में हरियाणा आयुष्मान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को एक विस्तृत पत्र लिखकर अपनी गंभीर चिंताएं साझा की हैं।

पदाधिकारियों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया है। अस्पतालों की करोड़ों रुपये की भारी-भरकम राशि सरकार के पास लंबित पड़ी है, जिससे अस्पतालों का दैनिक संचालन चलाना असंभव होता जा रहा है। गंभीर आर्थिक तंगी के दबाव के चलते हाल ही में राज्य के एक निजी अस्पताल को पूरी तरह से बंद तक करना पड़ा है।

योजना की विश्वसनीयता और मरीजों पर पड़ रहा बुरा असर

आईएमए ने अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि भुगतान न होने से जहां एक तरफ अस्पताल प्रबंधन आर्थिक बदहाली की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के गरीब लाभार्थियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बेहद महत्वपूर्ण और कल्याणकारी योजना की निरंतरता और विश्वसनीयता पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

1 सितंबर को सांकेतिक और 16 सितंबर से पूरी तरह बंद होंगी सेवाएं

आईएमए का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में आम मरीजों को परेशानी में नहीं डालना चाहते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासनिक अधिकारी इस विकट आर्थिक स्थिति को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए IMA ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है, आयुष्मान से जुड़े सभी निजी अस्पताल आगामी 1 सितंबर की रात 12 बजे से अगले 24 घंटों तक अपनी सांकेतिक रूप से आयुष्मान सेवाएं बंद रखेंगे।

यदि इसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है, तो प्रदेश भर के अस्पताल 16 सितंबर की रात 12 बजे से आयुष्मान सेवाएं पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर होंगे।

एक करोड़ से अधिक कार्ड धारकों पर मंडराया संकट

हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के साथ-साथ कम आय वाले परिवारों के लिए ‘चिरायु हरियाणा योजना’ भी संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत राज्य में लगभग 1 करोड़ 69 लाख आयुष्मान और चिरायु कार्ड धारक आते हैं। इन कार्डों के जरिए गरीबों को 5 लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज मिलता है। यदि निजी अस्पताल अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद कर देते हैं, तो इन करोड़ों लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं पाना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।

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