Haryana News: हरियाणा का कमाल, निक्षय मित्र रजिस्ट्रेशन में दूसरा स्थान

प्रधानमंत्री के 'टीबी मुक्त भारत' संकल्प को जनभागीदारी से साकार करने में हरियाणा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पर 32 हजार से अधिक पंजीकरण के साथ प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 3, 2026

Haryana News: प्रधानमंत्री के ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने में हरियाणा राज्य ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। जनभागीदारी और अत्याधुनिक तकनीक के सफल संयोजन से प्रदेश ने ‘निक्षय मित्र’ पंजीकरण अभियान में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि टीबी उन्मूलन की दिशा में राज्य के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

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32,643 पंजीकरणों के साथ हरियाणा की ऊंची उड़ान

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘टीबी मुक्त भारत’ ऐप पर हरियाणा में अब तक कुल 32,643 पंजीकरण हो चुके हैं। इस अभियान में हरियाणा के 22,266 स्वयंसेवकों ने मरीजों को पोषण किट वितरित करने और उन्हें भावनात्मक सहारा देने के लिए खुद को पंजीकृत कराया है। साथ ही, 1,997 नए ‘निक्षय मित्रों’ ने टीबी मरीजों को गोद लेने और उनके पोषण व इलाज संबंधी सहायता का जिम्मा उठाया है।

इस पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए, स्वयंसेवकों को सुविधा दी गई है कि वे पोषण किट वितरण के समय जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प युक्त तस्वीरें अपलोड कर सकें। इससे पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

‘खुशी ई-संगिनी’ और ऐप की मरीज-केंद्रित सुविधाएं

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट ‘खुशी ई-संगिनी’ है। यह चैटबॉट 12 भाषाओं में उपलब्ध है, जो न केवल टीबी के लक्षणों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देता है, बल्कि जीपीएस के माध्यम से मरीजों को उनके निकटतम जांच केंद्र तक पहुँचने में भी मदद करता है।

ऐप पूरी तरह से मरीज-केंद्रित है। टीबी के मरीज अपनी ‘निक्षय आईडी’ का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और अपना व्यक्तिगत उपचार चार्ट देख सकते हैं। इलाज को सुचारू रखने के लिए इसमें ‘दैनिक दवा रिमाइंडर’ (अलार्म) की विशेष सुविधा भी दी गई है, ताकि मरीज समय पर दवा लेना न भूलें और उपचार बीच में न छूटे।

जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण

नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों जैसे एसटीएस, एसटीएलएस, टीबीएचवी और सीएचओ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये कर्मी जमीनी स्तर पर मरीजों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराने, उन्हें चलाने और दवा रिमाइंडर सेट करने में मदद कर रहे हैं।

‘निक्षय मित्र’ बनने का आह्वान

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य हरियाणा को देश का पहला टीबी मुक्त राज्य बनाना है। इसके लिए विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में ‘निक्षय मित्र’ बनें। समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ही इस बीमारी को जड़ से खत्म करने में निर्णायक साबित होगी। टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूकता और मरीजों को सामाजिक सहयोग देना ही इस सामाजिक कार्य की नींव है।

हरियाणा की यह प्रगति न केवल एक सरकारी आंकड़ा है, बल्कि यह उस जनभागीदारी का प्रमाण है, जिसके माध्यम से राज्य एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

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