Haryana News: हरियाणा राज्य में पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की लगातार की जा रही अपीलों का आखिरकार सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है, जिसके परिणामस्वरूप सोमवार को प्रदेशभर में कुल 387 सफाई कर्मचारी वापस अपने काम पर लौट आए हैं। सरकार के इस कदम और कर्मचारियों की घर वापसी से प्रदेश की चरमराई स्वच्छता व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हड़ताल के रास्ते को छोड़कर वापस ड्यूटी जॉइन करने वाले इन सभी कर्मचारियों का राज्य सरकार की ओर से खुले दिल से स्वागत किया गया है।
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कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने किया कर्मचारियों का स्वागत
काम पर लौटने वाले सफाई कर्मचारियों का अभिनंदन करते हुए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने एक बार फिर दोहराया कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में अपने सफाई कर्मचारियों के कल्याण और हितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने हड़ताल पर डटे हुए बाकी अन्य कर्मचारियों से भी अपील की है कि वे अब जिद छोड़कर जल्द से जल्द अपने काम पर वापस लौटें और राज्य को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने के इस महाअभियान में अपनी सक्रिय और जिम्मेदारी भरी भागीदारी सुनिश्चित करें। सरकार का मानना है कि स्वच्छता कर्मियों के बिना समाज और शहरों की कल्पना भी नहीं की जा सकती, इसलिए उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सफाई कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस के औपचारिक आदेश जारी
इस बीच, हरियाणा सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए सफाई कर्मचारियों के लिए ‘रिस्क अलाउंस’ (जोखिम भत्ता) देने के संबंध में आधिकारिक और औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत अब पालिका रोल पर अपनी सेवाएं दे रहे सभी सफाई कर्मचारियों को हर महीने 2000 रुपये का रिस्क अलाउंस प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने उन्हें यह रिस्क अलाउंस दिए जाने का पूरा आश्वासन दिया था, जिसे अब धरातल पर उतारते हुए औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
रिस्क अलाउंस से जुड़ी मुख्य शर्तें और वित्तीय प्रावधान
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह नई रिस्क अलाउंस की व्यवस्था वर्तमान में चल रही ‘परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव’ योजना की जगह पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। हालांकि, इस आर्थिक लाभ की एक स्पष्ट शर्त यह भी रखी गई है कि इसका सीधा फायदा केवल उन्हीं सफाई कर्मचारियों को मिलेगा जो नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि जो कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर बने हुए हैं, वे जैसे ही अपनी ड्यूटी पर वापस लौटेंगे, उन्हें भी इस रिस्क अलाउंस का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
इस पूरी वित्तीय व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका सारा वित्तीय भार संबंधित नगरपालिकाओं (लोकल बॉडीज) द्वारा अपने स्वयं के आंतरिक फंड से ही वहन किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से नगरपालिकाओं को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय अनुदान या विशेष ऋण मुहैया नहीं कराया जाएगा। इसके बावजूद, सरकार के इन ठोस कदमों से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और राज्य में स्वच्छता व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगेगी।
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