Haryana News: पंचकूला नगर निगम चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर उपेंद्र कौर अहलूवालिया ने अपने परिवार और समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेंद्र अहलूवालिया ने भी भाजपा का दामन थामा।
यह जॉइनिंग कार्यक्रम पंचकूला के सेक्टर-21 स्थित अहलूवालिया परिवार के आवास पर आयोजित किया गया, जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में यह राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। इस मौके पर कई समर्थकों ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली, जिससे स्थानीय स्तर पर भाजपा को मजबूती मिलती दिखाई दे रही है।
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भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री का बयान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में भाजपा का परिवार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी और भी मजबूत होगी तथा विकास के एजेंडे को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा का लक्ष्य “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करना है और इसी दिशा में पार्टी लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद पार्टी का जनाधार और भी व्यापक होगा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का भाजपा में शामिल होना
इस कार्यक्रम के दौरान केवल अहलूवालिया परिवार ही नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। इससे पंचकूला में भाजपा की राजनीतिक स्थिति और अधिक मजबूत होती दिख रही है, खासकर नगर निगम चुनावों से पहले। इस मौके पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, पूर्व मंत्री कँवरपाल गुज्जर, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता शामिल थे। पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कांग्रेस को बड़ा नुकसान
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उपेंद्र कौर अहलूवालिया का लंबे समय से पंचकूला की राजनीति में प्रभाव रहा है। अहलूवालिया परिवार कई दशकों से कांग्रेस से जुड़ा हुआ था, लेकिन अब उनका भाजपा में शामिल होना स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में कांग्रेस ने उपेंद्र कौर अहलूवालिया सहित चार नेताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। यह कार्रवाई पंचकूला विधायक चौधरी चंद्रमोहन की शिकायत के बाद की गई थी, जिसमें विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे।
स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पंचकूला की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा को जहां इस कदम से मजबूती मिली है, वहीं कांग्रेस के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले नगर निगम चुनावों में इसका असर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।









