Haryana News: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा की कंपार्टमेंट और अतिरिक्त विषय की एक दिवसीय परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर नकल का काला खेल खुलकर सामने आया है। राज्य भर में आयोजित इस परीक्षा में नकल के कुल 26 मामले दर्ज किए गए हैं, जो शिक्षा प्रणाली की शुचिता पर बड़े सवाल खड़े करते हैं। विशेष रूप से नूंह जिले के केंद्रों पर उड़नदस्ते की छापेमारी ने नकल माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है। बोर्ड प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए न केवल नकलचियों के खिलाफ कार्रवाई की, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) को भी तत्काल प्रभाव से कार्यभार मुक्त कर दिया है।
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नूंह में नकल का ‘गढ़’ और बोर्ड की सख्ती
बोर्ड अध्यक्ष शंकर धूपड़ के नेतृत्व में उड़नदस्ते ने नूंह के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां भारी पैमाने पर नकल होने की पुष्टि हुई। नूंह के परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधनों के प्रयोग के 25 मामले दर्ज किए गए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फिरोजपुर नमक-16 (बी-2) पर हालात इतने खराब मिले कि वहां ड्यूटी पर तैनात पर्यवेक्षकों की भूमिका पर संदेह गहरा गया।
बोर्ड अध्यक्ष ने पाया कि परीक्षा केंद्र पर नकल रोकने के बजाय पर्यवेक्षक मूकदर्शक बने हुए थे। ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पर्यवेक्षक राधेश्याम और नाहिद प्रवीन को मौके पर ही कार्यभार मुक्त कर दिया गया। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता से खिलवाड़ करने का प्रयास करते हैं।
भिवानी में भी उड़नदस्ते की कार्रवाई
नकल के खिलाफ यह अभियान केवल नूंह तक सीमित नहीं रहा। बोर्ड अध्यक्ष का विशेष उड़नदस्ता भिवानी के वैश्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दिनोद गेट (बी-1) परीक्षा केंद्र पर भी पहुंचा। वहां भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। परीक्षा के दौरान ड्यूटी में कोताही बरतने के चलते महिला पर्यवेक्षक दीपिका को ऑन-ड्यूटी सस्पेंड (कार्यभार मुक्त) कर दिया गया। एक ही दिन में तीन पर्यवेक्षकों पर हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि बोर्ड प्रबंधन इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
पारदर्शिता के प्रति बोर्ड की प्रतिबद्धता
परीक्षा संपन्न होने के बाद बोर्ड अध्यक्ष शंकर धूपड़ ने कहा कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि शिक्षा के पवित्र कार्य में यदि कोई भी व्यक्ति या शिक्षक बाधा डालने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड प्रबंधन का मानना है कि नकल न केवल मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था को भी खोखला करती है। भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में भी उड़नदस्तों की निगरानी और भी कड़ी कर दी जाएगी। नूंह और भिवानी की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि बोर्ड प्रशासन अब परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, ताकि शिक्षा के स्तर को बनाए रखा जा सके।
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